आबकारी कमिश्नर का अल्टीमेटम

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कुलदीप रावत

मुख्यमंत्री के  निर्देशों के बाद उत्तराखंड आबकारी विभाग इनदिनों राजस्व टारगेट को पूरा करने में जुट गया है हालत यह है कि आबकारी आयुक्त को स्वयं मैदान में उतर कर  बैठक बुलाकर अधिकारियों को अल्टीमेटम देना पड़ रहा है

यही नहीं जिलों के आबकारी अधिकारियों को फरवरी माह तक कार्यशैली सुधारने की हिदायत भी दे दी गई है।। उत्तराखंड सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले विभागों में शुमार आबकारी विभाग इन दिनों टारगेट पूरा करने की कसरत में जुटा नजर आ रहा है.

राजधानी देहरादून में  आबकारी आयुक्त ने राज्य भर के जिला आबकारी अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर जमकर फटकार लगाई   बैठक में न केवल टारगेट पूरा करने की अंतिम तारीख अधिकारियों को दी गई बल्कि कार्यशैली सुधारने का अल्टीमेटम भी दिया गया

दरअसल प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर जिलो में अधिकारियों की परफॉर्मेंस बेहद खराब है… आबकारी राजस्व के लिहाज से रुद्रप्रयाग और चमोली जिले की बेहतर रिपोर्ट पाई गई तो हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल जिले के आबकारी अधिकारियों कि खराब परफॉर्मेंस को देखते हुए इसमें सुधार के निर्देश दिए गए… जिला आबकारी अधिकारियों को 28 फरवरी तक का समय देते हुए टारगेट को पूरा किए जाने के आदेश हुए हैं… आपको बता दें कि इस बार प्रदेश में आबकारी विभाग को 3200 करोड़ का टारगेट दिया गया है जिसमें अब तक महज 2400 करोड़ तक का ही रेवेन्यू विभाग जुटा सका है।।।

प्रदेश में नई आबकारी नीति को लेकर मंथन जारी है, इस बीच 2019-20 के राजस्व टारगेट को पूरा करने के लिए भी कोशिशें चल रही हैं… चिंता की बात यह है कि बड़े जिलों की परफॉर्मेंस उम्मीद से खराब है और इसीलिए आबकारी आयुक्त को टारगेट पूरा करने के लिए खुद सामने आना पड़ा है। अब देखना होगा कि आबकारी आयुक्त की कड़ी फटकार के बाद बड़े जिलों के आबकारी अधिकारी अपनी परफॉर्मेंस में सुधार कर पाते हैं या फिर अपनी खराब परफॉर्मेंस यूं ही बरकरार रखते हैं

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