“चाचा बतोला स्पेशल”मांडवाली की मीटिंग हुई लीक

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"व्यंग" चाचा बतोला बता रहा है कल सोमरस की दूकान खोलने के आर्डर हो जावेंगे पास..

चाचा बतोला एक व्यंग हैं और एक काल्पनिक किरदार है जो कि पाठक की कल्पना मात्र है इसका समाज में किसी भी व्यक्ति विशेष से कोई लेना देना नहीं है.. पाठकों के मनोरंजन की एक काल्पनिक कथा है…

“व्यंग” चाचा बतोला  एक  काल्पनिक  मनोरंजक  कथा..

चाचा बतोला आज सुबह से ही अपने घर पर आराम कर रहा था..कोरोनावायरस को मद्देनजर रखते हुए सोशल डिस्टन्सिंग का भी पूरा ध्यान रख रहा था तभी अचानक चाचा का भतीजा प्रकाशा उसके सामने आ जाता है और एक खुशखबरी सुनाता है आप भी सुनिए…

अरे चाचा गजब हो लिया.. मोदी बाबा ने पूरा शहर खोल दिया.. फिर बाजार में घूमेंगे.. गर्मी में आइसक्रीम चूसेंगे.. रात को माल में घूमेंगे.. टूटे हुए गड्ढों में साइकिल और मोटरसाइकिल की दौड़ लगाएंगे… अबे प्रकाश एक बात तो बता सड़क के नाम से याद आया.. वे गंगा जल वाले कहा जा लिए.. जिनकी नाक में दम कर रखा था उसी ने जिसे इनकी चाबी पा गयी थी.. अच्छा चाचा वे.. वे ही ना जो सरकारी जनकल्याण करें हैं.. हा वे ही… जिनकी एक ना चल रही थी और ठेकेदार भी भाव ना दे रहे थे.. अरे चाचा तझे बताना भूल गया आज शाम को इनकी मीटिंग चल रही थी जिसकी एक गामा भाई  ने फ़िल्म बना ली और मुझे भी दिखाई.. अबे ऐसा क्या था उस फिलम में.. अरे चाचा हम तो यू सोच रहे थे की बेचारो के साथ ढेर बुरा हो रहा हैं लेकिन यों फिलम देखकर तो यों लगे हैं ठेकेदारों के कामों की कमीशन की मांडवाली चल रही थी जो काम ठेकेदार से करवाने थे.. में कमीशन ना खान दे रहा था वो अधिकारी… यू गंगाजल वाले सारी जगह जाकर रो दिए थे लेकिन वह भी पक्का अधिकारी हैं जिसने, इनकी एक न चलने दी.. उसने तो एक ही नारा दिया था कमीशन की चोरी में मुझे भी खिलाओ अन्नी मैं भी तुम्हारा खेल…  इस कलाकार अधिकारी ने इन की जड़ पकड़ ली थी.. अबे भतीजे और बता उस फिल्म में और क्या-क्या है.. अरे चाचा फिल्म बड़ी जोर की है मजेदार बात तो यह है चोरों की मांडवाली इलाके के सम्मानित लोग करा रहे थे… अबे ऐसे सम्मानित कहां रह गए जो चोरों की मांडवाली की मीटिंग करा रहे थे नाम बता इन सम्मानित लोगों का.. अरे चाचा बता भी दूंगा रुक जा थोड़ा सा सब्र तो कर ले आज गरम गरम मामला है… हमारे गामा भाई जिन्होंने वीडियो बनाई है उनकी ऐसी तैसी हो जाएगी.. लेकिन चाचा यह तो बड़ा ही गंभीर मामला है कि चोरों की मांडवाली शहर के सम्मानित लोग करा रहे हैं… अबे चल यूं तो थी मीटिंग की बात, अब यह बता मामला तय क्या हुआ..चाचा तय हुआ कि तरबूज कटेगा सब में बटेगा अब यो गंगाजल वाले अकेले-अकेले माल ना पी पावेंगे तरबूज का एक हिस्सा सम्मानितो को भी मिलेगा और अब फिर तरबूज रामू कालू श्यामू के अलावा सम्मानित लोग भी पेल के खा लेंगे.. अरे भतीजे यह तो गजब हो लिया अब लागे हैं मुखिया त्रिदेव बाबा को चिट्ठी लिखनी ही पड़ेगी…

 

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