जनप्रतिनिधियों के दबाव में एमएनए की जीत पार्षदों की हार!

तिलक राज़ बेहड़

भाजपा की सरकार में ब्यूरोक्रेसी हावी, जनप्रतिनिधियों की नहीं अधिकारियों की चलती है।
 
रुद्रपुर- पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तिलकराज बेहड़ ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार के तीन वर्ष के शासनकाल में अफसरशाही निरंकुश हो चली है। इसका परिणाम यह हुआ कि ना सिर्फ जनता बल्कि भाजपा के खुद के जनप्रतिनिधि अफसरों की कार्यशैली से दुखी व त्रस्त हैं।
 

तिलक राज़ बेहड़

श्री बेहड़ ने कहा की पार्षदों व MNA की लड़ाई में वही हुआ जिसका अंदेशा था, अन्तोगत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पार्षदों को दबाकर पीछे हटने को मजबूर किया । जो आरोप में पिछले काफी समय से लगा रहा हूँ के भाजपा सरकार में ब्यूरोक्रेसी हावी है, उसका जीता जागता उदहारण आज सबके सामने आ गया है, जिसमे MNA जीता और पार्षद हारे। भाजपा सरकार से और उम्मीद भी क्या की जा सकती थी। भाजपा के जनप्रतिनिधियों में इतनी भी ताकत नहीं के वह एक नगर आयुक्त का ट्रान्सफर तक करवा सकें।       
 
      श्री बेहड़ ने कहा कि वह बीते तीन वर्षों से लगातार कहते आये हैं कि भाजपा सरकार में चुने हुए जनप्रतिनिधियों की अपेक्षा अफसरशाही को महत्व दिया जा रहा है यहाँ तक कि विधायकों की बात भी अनसुनी की जाती रही है । अब रुद्रपुर नगर निगम में नगर आयुक्त व भाजपा पार्षदों के बीच चल रही खीचातानी का खेल ख़तम होने व इस लड़ाई में नगर आयुक्त की जीत होने से यह जग जाहिर हो गया है कि इस सरकार के लिए जनता द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों की कोई कीमत नहीं है । शहर की जनता द्वारा चुने गये पार्षदों ने नगर आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर अपने इस्तीफे तक दे दिए मगर भाजपा सरकार के कानो पर जूं भी नहीं रेंगी ।
 
      श्री बेहड़ ने कहा कि यह विडंबना ही है कि जनता की आवाज बने भाजपा जनप्रतिनिधियों की जायज मांग को सुनने वाला कोई नही है। श्री बेहड़ ने सवाल किया कि क्या एक नगर आयुक्त जो वर्षों से इस कुर्सी पर जमा है और अपनी मन मर्जी से निगम चला रहा है उसे पार्षदों की मांग पर क्यूँ नही हटाया जा रहा ? क्या इस सरकार को एक अफसर इतना प्यारा हो गया है कि अपनी पार्टी के पार्षदों की वाजिब मांग भी पूरी नहीं की जा रही ?
 
            श्री बेहड़ ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन सी मज़बूरी है या ऐसा कौन सा लगाव है, जिस कारण पार्षदों के अनुरोध के बावजूद वह एक नगर आयुक्त को पदमुक्त नही कर रहें हैं । जबकि यही नगर आयुक्त अपने अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए शहर की जनता सहित जनप्रतिनिधियों का भी उत्पीडन करने में लगा है। मुख्यमंत्री जी को आने वाले समय में इसका जवाब जनता को देना होगा।      
 
      श्री बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे हिटलर शाह अधिकारी का पुरजोर विरोध करती है और एक स्वर में इसे पद से हटाने की मांग करती है।

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