त्रिवेंद्र को रावत का साथ या फिर कोई और है बात

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कुलदीप रावत

 

सोशल मीडिया पर पिछले 1 साल से उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है बड़े बड़े राजनीतिज्ञ पंडित भी इस बात पर अपनी सहमति भी जता चुके हैं जाहिर है  राजनीतिक गलियारों में चर्चा है तो कुछ हद तक सच्चाई भी होगी एक निजी चैनल के सर्वे के बाद तो इस चर्चा को और हवा देने का काम कर डाला रही सही कसर आज पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कर डाली उन्होंने अपने ट्वीट में उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता की बात कही है एक के बाद एक दो ट्वीट से फरवरी के महीने में भी देहरादून से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक उथल-पुथल उत्पन्न हो गई हर कोई हरीश रावत के सोशल मीडिया पर किए गए ट्वीट  का अलग अलग मतलब निकाल रहे हैं कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ हरीश रावत को त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ खड़ा मान रहे हैं उन्हें लगता है कि हरीश रावत कहीं ना कहीं अंदर खाने त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले हुए हैं और अंदर ही अंदर इन दोनों बड़े नेताओं का बेहतर तालमेल है

तो कुछ हरीश रावत को राजनीति का  पंडित मान रहे हैं कुछ विशेषज्ञों का कथन है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत 2022 में भारतीय जनता पार्टी के कमजोर चेहरे साबित होंगे यदि वह मुख्यमंत्री पद से हट जाते हैं तो भारतीय जनता पार्टी 2022 में एक बार फिर से सत्ता में आ सकती है इसलिए हरीश रावत नहीं चाहते कि त्रिवेंद्र सिंह रावत से कोई मजबूत प्रतिद्वंदी 2022 के चुनाव में उनके समक्ष खड़ा हो

 

वहीं मुख्यमंत्री पद के अगले प्रबल दावेदार माने जा रहे सतपाल महाराज कहीं ना कहीं वर्ष 2017 में में कांग्रेस का हार के कारण अवश्य रहे हैं कांग्रेसी विधायकों को कांग्रेस से तोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल करवाने में सतपाल महाराज का भी बड़ा योगदान है जिसके कारण विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 2017 का चुनाव हार गई थी हरीश रावत को कहीं ना कहीं इस बात का मलाल अवश्य होगा सतपाल महाराज के कारण ही कांग्रेस सत्ता से बेदखल हो गई थी और वह मुख्यमंत्री बनने से चूक गए थे ऐसे में हरीश रावत कभी नहीं चाहेंगे कि सतपाल महाराज उत्तराखंड के भारतीय जनता पार्टी से नए मुख्यमंत्री बने

 

मसला जो भी हो हरीश रावत के ट्विटर पर किए गए ट्वीट के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है और हर तरफ मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं जोर शोर से है फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप ग्रुप पर नेतृत्व परिवर्तन की  खबरें और  बहस खूब चल रही है अब यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा भारतीय जनता पार्टी आलाकमान आने वाली इस होली में किसे गुलाल लगाती है और किसे मलाल

 

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