करोड़ों रुपए की हेराफेरी में पुलिस ने नटवरलाल दोनों भाईयों को किया गिरफ्तार: एसएसपी ने किया खुलासा।

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लोकजन टुडे: – ऊधमसिंहनगर-काशीपुर में बीते कई दिनों से चल रहे करोड़ों रुपए की हेराफेरी के मामले में पुलिस ने आखिरकार दोनों समितियो के संचालक सगे भाइयों को आखिरकार गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। कोतवाली में आज पूरे मामले का खुलासा जिले के एसएसपी वरिंदर जीत सिंह ने किया।

काशीपुर कोतवाली में पुलिस की गिरफ्त में खड़े हुए दोनों शख्स कोई और नहीं बल्कि बीते दिनों से काशीपुर में चल रहे गरीबों की जीवन भर की करोड़ों की कमाई को हड़पने वाले दो समितियों के संचालक बंधु है। काशीपुर कोतवाली में जिले के पुलिस कप्तान महेंद्र जीत सिंह ने पूरे मामले का खुलासा किया। आपको बताते चलें कि गरीब परिवार की कन्याओं को सस्ते में दहेज का सामान देने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने के आरोपी सत्य धाम ट्रस्ट तथा मानव सेवा एवम जन कल्याण समिति के संचालक दोनों नटवरलाल भाइयों को पुलिस ने एक्शन के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया।


अभियुक्त गणों द्वारा वर्ष 2012 में सत्य धाम सामाजिक सेवा एवं जन कल्याण समिति 2016 में मानव सेवा एवं जन कल्याण समिति तथा वर्ष 2018 में सत्य धाम अर्धनारीश्वर मंदिर ट्रस्ट रजिस्टर्ड कराई गई। इनके द्वारा सत्य धाम सामाजिक सेवा एवं जन कल्याण समिति के नाम पर उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश में लगभग 20 से अधिक शाखाएं खोली गई जिसमें ब्रांच मैनेजर ओवर 200 से अधिक एजेंटों की नियुक्ति कर निर्धन कन्याओं के विवाह व शिक्षा का आर्थिक सहायता का प्रलोभन देकर ट्रस्ट और समिति के नाम पर सहयोग करने को लेकर 1 वर्ष में जमा धनराशि कितनी धनराशि या पैसा देने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी की गई।
इसके अलावा नर्सरी से कक्षा 5 तक के 34 बच्चों का निशुल्क ऐडमिशन व शिक्षा दी गई स्कूल की जमीन एवं उस पर तैयार भवन जिसकी कीमत ₹20000000 है वह तैयार किया गया मानव गौशाला समिति का गठन कर लोगों को गाइड खरीदी गई जो कि दो करोड़ की है। पुलिस के द्वारा गिरफ्त में आए दोनों अभियुक्तों के नाम ओमवीर सिंह यादव पुत्र राजेंद्र सिंह यादव निवासी ग्राम मराठी थाना टांडा जिला रामपुर उत्तर प्रदेश है जो कि वर्तमान में जसपुर खुर्द काशीपुर में रह रहे हैं।
ओमवीर सिंह अपने भाई महेंद्र सिंह संजय सिंह के साथ ग्राम मराठी थाना टांडा जिला रामपुर उत्तर प्रदेश से वर्ष 2008 में काशीपुर में किराए के मकान में रहने लगे। महेंद्र सिंह आयुर्वेदिक दवाई जिसमें जैतून का तेल बला चूर्ण एवं गुप्त रोगों की दवाई बेचने का काम करने लगा और संजय और ओमवीर मल्टीवॉल काशीपुर में नौकरी करने लगे महेंद्र सिंह द्वारा दवाइयों से पैसा कमा कर एक प्लाट खरीदा लोगों को जोड़ने के लिए इस के द्वारे मंदिर धाम मंदिर का निर्माण किया गया बस यही से शुरू धोखाधड़ी की कहानी सलाखों तक जा पहुंची।

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