बाल अधिकार आयोग के खिलाफ प्राइवेट स्कूलों का हल्ला बोल

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कुलदीप रावत

 

आज उत्तरांचल प्रेस क्लब में निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की शीर्ष संस्था ‘पीपीएसए’ और अनएडेड स्कूल्स एसोसिएशन ने मिलकर बाल अधिकार आयोग की अध्यक्षा उषा नेगी के खिलाफ बड़ा आरोप लगाया एसोसिएशन का आरोप है कि बाल अधिकार आयोग उत्तराखंड के अध्यक्ष या उषा नेगी दादागिरी पर उतर आई है और अपनी मनमानी कर रही है
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने कहा कि बाल अधिकार आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर अवैधानिक तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग ऊषा नेगी का निजी सहायक अवैधानिक रूप से लिखित रूप में कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊषा नेगी कोर्ट में विचाराधीन ज़मीनों के मसले सुलझाने, स्कूलों की सोसाइटी के इनकम टैक्स रिटर्न्स को जांचने, एक ही परिवार के एक से ज्यादा बच्चों से फीस न लेने का दबाव बना रही हैं औऱ स्कूल में बिना किसी प्रक्रिया के प्रवेश देने का दबाव बना रही है। ऊषा नेगी पर यह भी आरोप है कि वह न तो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन मान रही हैं और न ही उत्तराखंड सरकार के शासनादेश। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि आयोग बिना कोरम के कार्य कर रहा है। आयोग में न तो शिकायतों पर कार्यवाही हो रही है और न ही सुनवाई। स्कूलों के प्रतिनिधियों को आयोग से भगा दिया जाता है। ऊषा नेगी का दबाव केवल स्कूल की मैनेजिंग कमेटी की अध्यक्ष को बुलाने तक और उनको बेइज़्ज़त करने तक का रह गया है। ऊषा नेगी पर मीडिया का नाम लेकर स्कूलों को धमकाने का भी आरोप है। एसोसिएशन ने कहा कि आयोग एक न्यायालय है जहाँ पर स्कूलों के अधिवक्ताओं की एंट्री प्रतिबंधित करना असंवैधानिक है, यदि आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने अपने अधिकारों का दुरूपयोग बंद नहीं किया तो भविष्य में कोई भी स्कूल आयोग से किसी भी माध्यम से न तो पत्राचार करेगा और न ही अपना प्रतिनिधि भेजेगा।

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