मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को प्रदेश में वित्तीय संसाधन बढ़ाये जाने के उपायों के संबंध में सचिवालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा की।

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लोकजन टुडे:-देहरादून:- मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को प्रदेश में वित्तीय संसाधन बढ़ाये जाने के उपायों के संबंध में सचिवालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा की। जिन विभागों की समीक्षा की गई उनमें वन, आबकारी, खनन, ऊर्जा, वित्त सम्मिलित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभागों को राजस्व प्राप्ति का जो लक्ष्य दिया गया है, उसके लिए प्रत्येक माह का लक्ष्य निर्धारित किया जाय। प्रदेश के आय के स्रोतों में कैसे वृद्धि की जा सकती, कैसे इसमें और अधिक सुधार लाया जा सकता है, इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग की जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभागों की जनपद वार व डिविजन वाइज समीक्षा की जाय। समय-समय पर संबधित विभागीय मंत्री, मुख्य सचिव व विभागीय सचिव भी विभिन्न विकास कार्यों व कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। राजस्व वृद्धि के लिए नये सेक्टरों पर भी कार्य करने के लिए अधिकारियों निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने खनन की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन खनन लॉटों की अभी तक नीलामी नहीं हुई उसके कारणों का पता लगाया जाय तथा इसके लिए डिटेल एमआईएस व ट्रेकिंग सिस्टम बनाया जाय। उन्होंने अवैध खनन को रोकने के लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों की एक संयुक्त कार्यबल बनाने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने स्पेशल स्टोन क्रशर जोन बनाये जाने, खनन वाहनों की लगातार ट्रेकिंग करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। खनन से इस वर्ष 750 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इसके लिए खनन से जुड़े विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया।
वन विभाग को पेड़ों की कटान, छपान, ट्रांजिट फीस, लीसा विपणन, कामर्शियल प्लांटेशन आदि विभिन्न क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये। वन विभाग को वन आधारित ग्रोथ सेंटरों की स्थापना पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। वन विभाग को 510 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। आबकारी विभाग को रूपये 3 हजार 47 करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें से 2135 करोड़ रूपये दुकानों से व शेष एक्साइज ड्यूटी अन्य मदों से राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बिजली चोरी पर लगातार कार्रवाई की जाय। जिन क्षेत्र में इस तरह की अधिक शिकायते हैं, उच्च स्तरीय अधिकारी स्वयं जाकर निरीक्षण करें व सम्बंधितो पर कार्रवाई की जाय। ऊर्जा से 950 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। ट्रांसपोर्ट से 965 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। राजस्व प्राप्ति के प्रमुख स्रोत नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन से राजस्व, परिवहन निगम से संबधित टैक्स व अन्य स्रोत से राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव वित्त श्री अमित नेगी, सचिव डॉ. भूपिन्दर कौर औलख, श्रीमती राधिका झा, श्री शैलेश बगोली, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, आबकारी आयुक्त श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी, एमडी जीएमवीन श्रीमती ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री एम.एस. बिष्ट, श्री बृजेश कुमार संत व संबधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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