*लोकजन टुडे, सुपर एक्सक्लूसिव!* चुनाव होते ही शहीदों को भूले मुख्यमंत्री

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शहीद परिवार परीक्षा परिणाम के साथ विलाप और यादों के साथ


मुख्यमंत्री जी उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला के आवास पर शुभकामनाएं देते हुए

अभिषेक सिन्हा, देहरादूनः चुनाव से पहले पुलवामा व अन्य आतंकवादियों के हमलों में सरकार और विपक्ष के नेता लगातार शहीद परिवारों को लेकर दावे कर रहे थे। सरकार की ओर से कहा जा रहा था कि शहीदों के बच्चों का हर प्रकार से ध्यान रखेंगे। यह बात अलग है कि पुलवामा शहीदों के बच्चों के लिए सीबीएसई ने परीक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की थी। वही सियासतदानो की बात करे चाहे विपक्ष हो या हो माजूदा सरकार कान्हा गए आपके हवाई दावे कंहा गयी…शाहदत पर कसीदे पढ़ने वाले सियासतदानो कहा हो….
वहीं सरकार के मुखिया की बातें करें तो चुनाव से पहले तो शहीदों की खूब बातें हुईं। गत दिनों जब सीबीएसई का परीक्षा परिणाम आया तो हमारे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में ऑल इंडिया सेकंड टॉपर और उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री को अपने घर में देख कर गौरांगी की की दादी दर्शना चावला ने उन्हें अपने गले से लगा लिया। मुख्यमंत्री ने बिटिया के परिवार को शुभकामनाएं दी और इस मेधावी बिटिया को अपने हाथों से मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि साधारण परिवार में जन्मी इस बिटिया ने यह सफलता हासिल करके पूरे देश में उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। यह सबकुछ बहुत अच्छा किया। इसमें किसी को कोई परेशानी भी नहीं है, लेकिन “लोकजन टुडे” सवाल उठाता है कि आखिर शहीद परिवार के बच्चे का हौंसला अफजाई क्यों नहीं आखिर मुख्यमंत्री जी आप हम सब के संरक्षक भी तो है तो ऐसी भूल कैसे…मान भी लिया जाए आपकी व्यस्थता के चलते आपको वक्त ही नहीं मिला लेकिन जिल्ले इलाही आपके पास तो एक बहुत बड़ी फ़ौज है जो अक्सर सेल्फी लेने में व्यस्त रहती है क्या इस शहीद परिवार के साथ सेल्फी का किसी को बी समय नहीं लगा… क्या शाहदत को सलाम मीडिया में छाने के लिए दिया गया था .. क्या यही थी सरकार की जिम्मेदारी..क्या हम शहीद परिवार को ऐसे ही छोड़ सकते है? सवाल तो उठेगा और बात भी दूर तलक जायेगी
पुलवामा हमले के शहीद मोहन लाल रतूड़ी की बेटी गंगा ने भी सीबीएसई की 12 वीं की परीक्षा में शानदार अंक हासिल कर परीक्षा उत्तीर्ण की।”लोकजन टुडे” शहीद परिवार के साथ खड़ा और भविष्य में उनके सभी मुद्दे और परेशानियों को हल करने का भरसक प्रयास भी करता रहेगा…अगला दिन लग चूका है बावजूद इसके आज तक उनके घर पर मुख्यमंत्री तो क्या कोई और नेता भी उनके घर बधाई देने नहीं पहुंचा। अब सवाल यही उठता है कि क्या सीएम व अन्य नेताओं को शहीदों की याद केवल चुनाव तक ही आती है। क्या वे चुनाव के बाद शहीदों को भूल गए। यह सवाल “लोकजन टुडे”बार—बार उठाता रहेगा…

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