सरकार बाजार खोलने के फैसले पर करें पुनः विचार! -संजय जुनेजा

*बाजार खोलने पर एक बार और विचार करें सरकार, कहीं व्यापारियों और प्रदेश की जनता पर यह फैसला ना पड़ जाए भारी।

राजीव चावला/ लोकजन टुडे।

रुद्रपुर। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की महानगर ईकाई ने राज्य सरकार द्वारा सुबह 07 बजे से शाम 07 बजे तक बाजार खोलने के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार को एक बार फिर से अपने फैसले पुनर्विचार करना चहिये..

व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा व महामंत्री हरीश अरोरा ने प्रेस को जारी एक बयान मे चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहाँ एक तरफ उत्तराखंड राज्य में कोरोना का प्रकोप दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है ऐसे मे प्रदेश सरकार ने सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक बाजार को खोलकर व्यापारियों व उनके परिवार सहित नगर की जनता को भी खतरे के मुंह में धकेल दिया है। सरकार को इस निर्णय से पूर्व सोचना चाहिए था कि 12 घंटे बाजार खोलकर वह अनावश्यक रूप से बाजार मे भीड़ को बुलावा दे रहे है। जाहिर है अधिक देर बाजार खुलने से लोग इस बीमारी के प्रति अधिक संवेदनशील व खतरे में होंगे।
जुनेजा ने यह भी कहा कि अगर व्यापारी को कोरोना का संक्रमण हो गया तो व्यापारी के परिवार को ही सभी समस्याओं से रूबरू होना पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि अपनी जान हथेली पर रखकर आम जनता को सभी तरह का राशन-पानी, दवाइयां व अन्य उपयोगी सामान उपलब्ध कराने वाला व्यापारी वर्ग कोरोना वारियर नहीं है? क्या सरकार की व्यापारी समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति कोई जिमेदारी नहीं है?
उन्होंने कहा कि अगले 10-15 दिन राज्य सरकार को बाजार को खोलने व बन्द करने के समय का निर्णय स्वस्थ तरीके से व्यापारी प्रतिनिधियों से वार्ता करके लिया जाता तो अच्छा था। मगर सरकार ने सिर्फ टैक्स की चिंता करते हुए बाजार को खुलवा दिया जो की उचित नही है।
जुनेजा ने कहा कि कोरोना के लॉकडाउन के प्रथम दिन से व्यापारियों ने अपनी जान के परवाह न करते हुए समाज को घर बैठे जरूरी सामान उपलब्ध करवाया। इस बीच व्यापारियों को अनेको समस्याओं से भी लड़ना पड़ा मगर व्यापारी वर्ग ने कभी हिम्मत नहीं हारी और न ही जनसेवा के अपने दायित्व से मुंह मोड़ा। अब सरकार का फर्ज बनता है कि वह व्यापारी हित में बाजार खुलने व बन्द करने के समय का बदलाव करें।

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