सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने से इंदिरा के लिए राहत की खबर

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कुलदीप रावत

 




उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी वर्चस्व की लड़ाई शांत  पढ़ती   दिखाई दे रही है दिल्ली विधानसभा चुनाव और सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने से फिलहाल कांग्रेस विधायकों ने अपना मन बदल दिया है

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने से उत्तराखंड के विधायकों के तेवर थोड़ा नरम हो गए हैं उत्तराखंड के कांग्रेस विधायक उत्तराखंड में चल रही उठापटक और अंदरूनी खींचतान की शिकायत लेकर सोनिया गांधी से मिलने का मन बना रहे थे लेकिन दिल्ली चुनाव और ऊपर से सोनिया गांधी की तबीयत खराब होने के कारण फिलहाल उत्तराखंड के कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली जाने का प्लान फिलहाल कैंसिल कर दिया है इस संबंध में हरीश रावत और उपनेता प्रतिपक्ष करण मेहरा के बीच लंबी बातचीत हुई जिसके बाद फिलहाल कांग्रेस के विधायक थोड़ा नरम दिखाई दे रहे हैं प्रदेश कांग्रेस में चल रहे घमासान के दृष्टिगत देहरादून में हुई पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा के मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। इस मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से नाराज चल रहे कांग्रेस के विधायकों की तेवर नरम पड़ गये हैं। अंदरखाने यह तय हुआ है कि पीसीसी की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर उठे विवाद को अब आगे नहीं बढ़ाया जायेगा। नाराज विधायकों के रुख में आई नरमी को इंदिरा हृदयेश के लिये सुकून की बात माना जा रहा है।




हाल ही में पीसीसी की नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस में विवाद खड़ा हो गया था। धारचूला के विधायक हरीश धामी को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी जिसे उन्होंने अपना अपमान बताकर संगठन के इस पद से इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने अपने इस अपमान का जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को ठहराकर उन्हें पद से हटवाने की चेतावनी तक दे डाली थी। उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस के 11 विधायकों में से 7 उनके साथ हैं और ये 8 विधायक 3 फरवरी को दिल्ली जाकर सोनिया गांधी के सामने अपनी बात रखेंगे। उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने भी धामी का समर्थन किया था। इसी बीच सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और करन माहरा के बीच देहरादून में मुलाकात हुई। लगभग एक घण्टे तक चली इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने इसे पार्टी के मजबूती को लेकर हुई एक अहम मुलाकात बताया।
फिलहाल दिल्ली चुनाव और सोनिया गांधी के नरम स्वास्थ्य को देखते हुए यह आपसी द्वंद थम गया है अब देखना होगा उत्तराखंड कॉन्ग्रेस की आपसी खींचतान कितने समय तक शांत रहती है

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