Inside Story: डीएम ट्रांस्फर पार्ट-2 The End…

एक बार फिर जिस बात का अंदेशा था वही सच साबित हो गई है हम बात कर रहे हैं रुद्रपुर के डीएम और स्थानीय विधायक(किच्छा) की जंग के चलते आखिरकार मुख्यमंत्री को बीच में आना पड़ा हद तो तब हो गई जब मुख्यमंत्री की मीटिंग में विधायक किच्छा राजेश शुक्ला नहीं पहुंचे… विधायक की इस नाराजगी को मुख्यमंत्री ने भी भांप लिया था और शाम तक एक मजबूत फैसला भी ले लिया आप सभी पाठकों को लोकजन टुडे पर यह भी सुनाएंगे कि आखिर मुख्यमंत्री ने मीटिंग में क्या कहा… लेकिन इससे पहले आप सभी को यह भी बता दें कि रुद्रपुर में यह पहला वाक्य नहीं है कि अधिकारी और विधायकों की आपस में ठन गई है गौरतलब हैं कि कुछ दिन पहले रुद्रपुर के कप्तान के हटने के बाद कई लोगों ने दावा किया था कि कप्तान को क्षेत्रीय नेताओं से लड़ना भारी पड़ गया… चलिए साहब यह तो आई गई बात हो गई लेकिन अब एक बार फिर अधिकारियों को टारगेट करने का सिलसिला शुरू हो गया है और डीएम साहब के ट्रांसफर के बाद इस बात को भी बल मिल गया कि नेताओं से लड़ना अधिकारियों के बस की बात नहीं है आज क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि विधायक जी से पंगा लेना साहब को भारी पड़ गया विधायक जी के समर्थकों का तो साफ तौर पर यही मानना है कि विधायक जी से झगड़ा जिलाधिकारी साहब को निपटा गया आइए सुनते हैं पहले मीटिंग में मुख्यमंत्री साहब ने डीएम के लिए क्या कहा…

इसी बात को लेकर लोकजन टुडे के कुमाऊं प्रभारी राजीव चावला से बात करते हुए रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल ने इस बात का खुलासा किया कि मुख्यमंत्री साहब जिलाधिकारी साहब को अपने साथ ले जा रहे हैं और अपने साथ ले जाने की वजह यह भी बताएं कि जिलाधिकारी उनके दिए कार्यों को पूरा करने में पास हो गए और अब उन्हें एक नई जिम्मेदारी सौंपने जा रहा हूं  और इसके कुछ ही पलों बाद जिलाधिकारी रुद्रपुर का ट्रांसफर हो गया सवाल एक बार फिर यही खड़ा होता है कि विधायक जी ने उनकी कार्यशैली को लेकर सवाल खड़ा किए थे लेकिन मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी को क्लीन चिट और एक अच्छा अधिकारी बताते हुए अपने साथ ले गए ये बात कुछ हजम नहीं हुई चलिए साहब राजनीति है यह तो राजनीति चलती रहेगी… बहरा हाल जिला अधिकारी रुद्रपुर बदले जा चुके हैं और जिस बात की आशंका लोकजन टुडे नहीं लगाई थी कि क्या आप मिशन ट्रांसफर पार्ट 2 शुरू हो गया है और हुआ भी ऐसा ही.. वैसे तो इस द्वंद में ना तो अधिकारी की जीत हुई और ना ही विधायक की लेकिन चर्चा का विषय यह भी है कि एक होनहार अधिकारी जो रुद्रपुर के लिए कार्य कर रहा था उसका ट्रांसफर हो गया है और जो विधायक जी की नजरों में खटक रहा था ऐसे अधिकारी को देहरादून वापस भेज दिया गया हैं…

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