लॉकडाउन में इस तरह लोगों के लिए प्रेरणा बन रही श्रीनगर की बबीता…

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रिपोर्ट: मुकेश बछेती

पौड़ी: लॉक डाउन के इस समय में जहाँ बन्द पड़े घर आबाद होने लगे है, तो वही कुछ लोग ऐसे भी है जिन्होंने इस विषम परिस्थितियों में अपने घर के किचन गार्डन को सजाने का काम किया है।

ऐसी ही एक महिला बबिता असवाल है, जिन्होंने लॉकडाउन के इस समय सीमा में अपने किचन गार्डन में बहुत ही बेहतर काम करके सबके लिए एक मिसाल कायम की है। बबिता ने अपने छोटे से किचन गार्डन में तरह-तरह की सब्जियां उगाने का काम इस समय परिधि में किया है। बबीता ग्रहणी है और बताती हैं कि उन्होंने इस लॉकडाउन के समय का भरपूर फायदा उठाया है।इस दौरान उन्होंने अपना पूरा समय अपने किचन गार्डन को दिया।

बबीता असवाल का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद रहे और अन्य संस्थान भी बंद रहे। जिससे बच्चों को स्कूल ले जाने लाने के अलावा कई अन्य कामों से उन्हें छूट मिली रही। इस दौरान उन्होंने पूरा समय अपने किचन गार्डन को दिया जिस कारण पिछले तीन महीनों से उन्हें घर मे ही भरपूर ऑर्गेनिक सब्जियां मिली। जिसका फायदा उनके परिवार को पौष्टिक आहार के रूप में मिल रहा है। असवाल का कहना है कि हम लोगों को सब्जियों के लिए बाजार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जितना अधिक से अधिक हो सके हम अपने किचन गार्डन में शुद्ध और ताजी सब्जियां उगाने में जोर देना चाहिए। जिससे कि कई रोगों से बचा जा सकता है उन्होंने लॉक डाउन की समय सीमा पर एक भी सब्जी बाजार से नहीं खरीदी है। मार्च से लेकर अब तक का जो भी सब्जी उन्होंने अपने किचन गार्डन में उगई थी उसी सब्जी का उनका परिवार निरंतर उपभोग कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जब जगह-जगह से इस तरह की बातें निकल कर सामने आ रही थी कि बाहर से सब्जियां न खरीदें ।क्योंकि उनमें कोरोना की संभावनाएं हो सकती हैं। जिसको देखते हुए उन्होंने अपने किचन गार्डन में काम करना आरंभ किया और आज उनका किचन गार्डन हरी-भरी सब्जियों से भरा पूरा है। बबिता ने बताया कि सभी बहनों को अपनी किचन गार्डन में समय देना चाहिए। क्योंकि किचन गार्डन में लगी हुई सब्जियां पोस्टिक के साथ-साथ ऑर्गेनिक भी होती हैं। जहां बाहर की सब्जियों में तरह तरह के रसायन मिलाए जाते हैं तो वहीं वे अपने घर में ही सब्जियों उगाकर, ऑर्गेनिक फल सब्जियों का उपयोग कर सकते हैं। जिनमें बीमारी से लड़ने की क्षमता भी अधिक होती है और पौष्टिकता के मामले में भी यह बहुत बेहतर होते हैं।

श्रीनगर के डाक बंगला मोहल्ले की रहने वाली बबीता आजकल आसपास की महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश कर रही है। जिन्होंने लॉकडाउन में समय का सदुपयोग करते हुए अपने किचन गार्डन को इतना सुंदर सजा दिया है कि लोग भी अब बबिता की तारीफ करते हुए नहीं थकते। ऐसी ही कुछ महिलाएं हैं जो कुछ ऐसा अलग कर गुजरती है जो अन्य लोगों के लिए मिसाल बन जाती है।

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