4 सालों में टूटी मुख्यमंत्री की नींद, अब छापेमारी से क्या जताना चाह रहे हैं साहब: आप

0
60

देहरादून: आम आदमी पार्टी प्रवक्ता उमा सिसोदिया ने प्रेस बयान जारी करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत केे गढवाल कमिश्नर कार्यालय के निरिक्षण पर जमकर हमला बोला। उमा सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल को पूरे 4 साल हो चुके हैं और अब जाकर मुख्यमंत्री की नींद टूट रही है। आज मुख्यमंत्री को औचक निरिक्षण की याद अचानक आ गई। अगर छोपमारी करनी ही थी तो मुख्यमंत्री पौडी कमिश्नरी मुख्यालय में इस छापेमारी को करते ।

मुख्यमंत्री खुद पौडी गढवाल के रहने वाले हैं और पौडी कमिश्नरी मुख्यालय भी है ,लेकिन पौडी में गढवाल कमिश्नर एक दो बार ही देखे गए। उन्हें भी सरकार पौडी में स्थापित नही कर पाई। गढवाल कमिश्नर अकसर देहरादून के ईसी रोड स्थिति आलीशान दफ्तर में बैठना पसंद करते हैं। उन्हें पहाड की पीडा से कोई सरोकार नहीं है। सरकार ने इन चार सालों में कमिश्नर को मुख्यालय में बिठाना जरुरी भी नहीं समझा। जनता को अगर कमिश्नर द्फतर में कोई काम करवाना होता है ,तो उन्हें देहराूदन के चक्कर काटने पडते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री को इस बात का भी मलाल नहीं है। पौडी कमिश्नरी मुख्यालय 4 सालों से वीरान पडी है,और मुख्यमंत्री अब नींद से जाग रहे हैं ,लेकिन बडे दुर्भाग्य की बात है कि उन्हें छोपमारी की याद देहरादून में आ रही है।

पौडी जिले का होने के बावजूद आज मुख्यमंत्री पौडी गढवाल के सबसे बडे दुश्मन बन गए हैं। इन्होंने भी पूर्व मुख्यमंत्रियों की भांति पौडी की अनदेखी की है। जिससे जनता में भारी रोष है। ऐसे में देहरादून आयुक्त कार्यालय में छापेमारी करना, और नदारद कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश महज एक खानापूर्ति है जो मुख्यमंत्री अपनी साख बचाने के लिए कर रहे हैं।

कुछ दिनों पहले जिस तरह से एक निजी चैनल के सर्वे ने ये साबित कर दिया है कि, त्रिवेन्द्र सिंह रावत पूरे देश के सबसे खराब मुख्यमंत्री हैं,तभी से मुख्यमंत्री अपने पैरों तले खिसकती जमीन बचाने में लगे हुए हैं। आप पार्टी लगातार इस बात को कहती आई है कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री जीरो वर्क सीएम हैं,इनकी चार सालों की उपलब्धि शून्य साबित हुई है और ,चैनल के सर्वे ने आप पार्टी की बात पर मुहर लगाने का काम किया।

आप प्रवक्ता उमा सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी सत्ता के नशे में इस कदर चूर हो गई कि मुख्यमंत्री के इस स्टंट को जीरो टोलरेंस से जोड रही है। इसे मीडिया के जरिए प्रचारित भी करने का काम बीजेपी कर रही है। विज्ञापन की तरह खबर को अखबारों के माध्यम से प्रसारित करवाया गया । लेकिन क्या खबर छपवाने से या झूठे जुमलों और स्टंट से सच्चाई छुपाई जा सकती है,बिलकुल नहीं,आप पार्टी अभी भी अपने स्टैंड पर कायम है कि मुख्यमंत्री जीरो वर्क सीएम हैं।

मुख्यंमत्री से आप के वरिष्ठ नेता ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान उनके द्वारा विकास से जुडे 5 काम गिनाने को कहा था , लेकिन मुख्यमंत्री वो 5 काम भी नहीं गिना पाए । उनके किसी नेता में मनीष जी के सामने आने की हिम्मत नहीं हुई। बीजेपी का सिर्फ एक काम है कि वो जनता को बरगलाने का काम करती है। अभी भी ऐसा ही किया जा रहा है। पहले कर्मकार कल्याण बोर्ड घोटाला,फिर भेड एंव ऊन बोर्ड में करोडों की अनियमित्ताएं,और फिर सर्वें में सबसे खराब मुख्यमंत्री ये सच्चाई जनता जानती है।
अगर मुख्यमंत्री को प्रदेश की इतनी ही फिक्र है ,तो सबसे पहले कमिश्नर को पौडी दफ्तर में बिठाने का कार्य करें ।

मुख्यमंत्री पलायन रोकने के बडे बडे दावे करते हैं ,लेकिन मुख्यमंत्री अधिकारियों का ही पलायन नहीं रोक पा रहे हैं तो रिवर्स पलायन की बात तो दूर की कौडी है। लेकिन जुमले से जनता को बरगलाना अब आसान नही है,ये जनता जनार्दन है मुख्यमंत्री जी,अगर सत्ता में बिठा सकती है ,तो सत्ता से उतार भी सकती है। इसलिए अभी भी वक्त है कि बीजेपी नेता प्रायश्चित कर लें ,क्योंकि प्रदेश की जनता इन्हें प्रदेश विरोधी होने के लिए कभी माफ नहीं करेगी।