हरिद्वार जेल में अपराधी कर रहे मोबाइल का इस्तेमाल, इस तरह पुलिस ने किया अपराधियों का नेटवर्क ध्वस्त

0
169

हरिद्वार: पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देश पर संगठित अपराध व जेल से चल रहे अपराधियों का नेटवर्क ध्वस्त एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा राज्य के विभिन्न जेलो मे बन्द अपराधियों की निंरतर मॉनिटरिंग की जा रही थी।

पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड महोदय द्वारा दिये गये निर्देशो अनुपालन मे एस.टी.एफ उत्तराखण्ड द्वारा जेल मे बन्द कैदीयों की गतिविधियों पर सघंन दृष्टि रखने एंव उनके द्वारा जेल के अन्दर तथा बाहर किया जा रहे क्रियाकलापों पर निकटदृष्टि रखे जाने हेतु निर्देश दिये गये थे ।

पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को शिकायत मिली कि जनपद हरिद्वार के थाना ज्वालापुर हरिद्वार मे पंजीकृत मु0अ0स0 -76/2020 के सम्बन्ध मे रोशनाबाद जेल मे वैभव बंसल दिनांक 24/12/2020 से बन्द है जिसको जेल में बन्द किसी खूंखार अपराधी द्ववारा प्रताड़ित कर उसकी पत्नी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से डरा धमकाकर तथा वैभव बंसल की सलामती के लिए सोने की चैन फिरौती के रुप मे माँगी गई है ।

इस सूचना पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देश पर एस0टी0एफ0 द्वारा गोपनीय जांच की गई जिसमे इंतेज़ार पहलवान और नावेद आलम जो रोशनाबाद जेल में निरुद्ध है द्वारा जेल से फ़ोन का प्रयोग किया जा रहा है का पता चला। आज इतंजार पहलवान तथा नावेद आलम द्वारा बताये गए स्थान पर सोने की चैन(कीमत करीब 1.5 लाख) लेकर जाने हेतु वैभव की पत्नी को विश्वास मे लेकर बताए गए स्थान पर सोने की चैन लेकर जाने को कहा गया ।वहां पर साहिल अली जो कि बाईक माकेनिक है और नावेद आलम का दोस्त है जिसे एस0टी0एफ व हरिद्वार पुलिस ने मौके पर वैभव बंसल की पत्नी से chain लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके तुरंत बाद ही नावेद आलम ने परवेज आलम को साहिल से चैन लेने भेजा था, परवेज आलम जो कि नावेद आलम का भाई है इसे भी एस0टी0एफ0 व हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किया ।

जेल से इस प्रकार गतिविधिया संचालित होने की पुख्ता सूचना पर पुलिस महानिदेशक के आदेश के क्रम में एस0टी0एफ तथा हरिद्वार पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया तथा रोशनाबाद जेल मे रेड डाल कर चेंकिग की गई थी । जेल से 2 मोबाईल फोन , 2 सिम कार्ड , 1 मोबाईल चार्जर बरामद किया गया है ।
जेल मे अवैध रुप से बरामद मोबाईल फोन एंव सिम कार्ड मे जेल कर्मचारियों की संलिप्ता के सम्बन्ध मे निर्देशो के क्रम में विस्तृत जांच की जायेगी और जो अन्य दोषी है उन पर मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। जेल में यह एक ऑर्गेनाइज्ड सिंडीकेट चल रहा था जो इस तरह के मामले मे जेल जाते है उन्हें अपने जाल में फंसा कर उनको डरा धमका कर एक्सटॉर्शन किया जा रहा था ऐसा प्रतीत होताहै।पुलिस महानिदेशक द्वारा इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए IG जेल,DIG STF व ssp एसटीएफ को कार्रवाई संबंधी कड़े निर्देश दिए गए हैं,जो भी दोषी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा ।