वेबिनार के आयोजन में महिला सुरक्षा पर सभी महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा…

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रिपोर्ट: सुशील कुमार झा

हरिद्वार: आज भारतीय जागरूकता समिति  हरिद्वार पुलिस के साथ महिला सुरक्षा विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य वक्ता परिवार न्यायालय हरिद्वार के न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता एम्एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस हाई कोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी रहे। जिन्होंने महिला सुरक्षा पर सभी महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा करी।

न्यायाधीश परिवार न्यायालय हरिद्वार योगेश कुमार गुप्ता ने बताया कानून में महिला सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्राविधान है। जिनका उपयोग कर महिला अपनी सुरक्षा कर सकती हैI किसी भी महिला की कानून तभी मदद करता है जब वो आगे आकर कानून के समक्ष्य अपनी परेशानी रखे। जब तक पीडिता न्यायालय के समक्ष नहीं आती और अपनी पीड़ा नहीं बताएगी तब तक न्यायालय मदद नहीं कर सकता।महिला को इतना मजबूत होना चाहिये की अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ न्यायालय जा सके।

न्यायालय की शरण में आने के बाद ही न्यायालय उसे हर प्रकार से मदद करता हैI न्यायालय पीड़िता को सुरक्षा, भरण पोषण, शिक्षा का अधिकार, रहने का अधिकार, अत्याचारी पर कठोर कारवाही आदि दे सकता हैI

न्यायालय के समक्ष पीड़िता को सत्यता रखनी होती है। झूठे तथ्यों के आधार पर न्यायालय के समक्ष होने पर न्यायालय कठोर कार्यवाही करती हैI एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस ने कहा हरिद्वार पुलिस महिला सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हैI किसी भी प्रकार का महिला पर अत्याचार माफी योग्य नही है। हरिद्वार पुलिस उस पर कठोर कार्यवाही करेगी एसएसपी ने बताया की किसी भी महिला पर कोई अत्याचार होता है तो वो अपनी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में या 112 या महिला हेल्पलाइन 1090 पर कर सकती हैI

हरिद्वार पुलिस उस पर तुरंत कार्यवाही करेगी। पारिवारिक मामलो में पहले शिकायत महिला हेल्प लाइन में भेजी जाती है। वहा पर दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया जाता है, अगर वहा कोई नहीं समझता तो पुलिस उस शिकायत पर मुकादम दर्ज कर कार्यवाही कर सकती हैI

एसएसपी ने बताया की महिलाओ को डरना नहीं निडर हो कर सामना करना चाहिए और पुलिस की मदद करनी चाहिए। हाई कोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने बताया की महिला सुरक्षा के लिए कई कानून बने है जैसे छेड़ा छाड के लिए 354 असिड अटेक के लिए 326A दहेज़ हत्या के लिये 304A, क्रूरता के लिये 498A आदि जिसमे 3 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान हैI महिलाओ को कभी भी किसी के उपर गलत या झूठा आरोप नहीं लगाना चाहिये ये कानून महिलाओ की सुरक्षा के लिए हैI

अंजलि महेश्वरी मेम्बर परमानेंट लोक अदालत ने कहा की महिला सशक्त है उनको कमजोर नहीं समझना चाहिये महिलाओ को अपने अधिकारो के लिए लड़ना चाहिये I वेबिनर का संचालन शिवानी गौड़,एम विनायक गौड़ ने किया। वेबिनार में डॉ सुनील बत्रा, संदीप खन्ना, आशु चौधरी, नितिन गौतम, यश लालवानी, सीमा पटेल, अंशु चौधरी, अर्चना शर्मा, विनीता गोनीयल, रीता चमोली विनीत चौहान, शुभम, सिधार्थ परधान, विजेंद्र पालीवाल, अर्पिता सक्सेना, अंशु तोमर, उपासना चौहान, दीपाली शर्मा, पुनम भाजपाई, डॉ अनुराधा, हिमांशु चोपड़ा, मोहित भरद्वाज, वर्षा श्रीवास्तव, पी.के श्रीवास्तव, भूपेश चन्द्र पांडे, सपना अग्रवाल, विपुल कुमार गोय, कमल कुरुक्षेत्र, पंडित विशाल शर्मा, मधुसुधन अग्रवाल, नेहा मलिक, करुणा शर्मा, नीरू जैन, मंजुला भगत, अल्का शर्मा, रीमा, योगी रजनीश, रानी, पंकज, ममता, चंद्रकला आदि उपस्थित रहेI

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