बीजेपी कार्यकर्ता से परेशान ट्रांसपोर्टर ने लगाई सीएम धामी व पीएम से अपने व्यापार को बचाने की गुहार

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देहरादून: प्रदेश की धामी सरकार हो या फिर केन्द्र की मोदी सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वंही कुछ तथाकथित बीजेपी का कार्यकर्ता बताते हुए सत्ता की हनक में वैद्य कारोबार को अवैद्य बताते हुए अपने रसूख का गलत प्रयोग कर रहे है।

आज सोशल मीडिया पर एक ट्रांसपोर्टर मुकेश जोशी के द्वारा अपनी व्यथा बताते हुए अपना वीडियो अपलोड किया है जिसमे उनके द्वारा ये बताया जा रहा है कि हमारा ट्रांसपोर्ट परिवहन विभाग के जिओ के अनुसार दिए गये नियम शर्तो के मुताबिक ही ट्रांसपोर्ट संचालित हो रहा है, जबकि इंद्रलोक विहार सोसाइटी के अध्यक्ष राहुल नेगी (तथाकथित भाजपा कार्यकर्ता) जो कि स्वयं में आईएसबीटी के अन्दर से ही एक ट्रैवल एजेन्सी का संचालन करते है उनके द्वारा व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण हमें परिवहन विभाग समेत कई विभागों से नोटिस भिजवाकर लगातार परेशान करवाया जा रहा। जिसके चलते आज मुकेश जोशी ने अपने व्यापार की रक्षा के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व देश के प्रधानमंत्री से एक वीडियो जारी कर गुहार लगाई है।

जिसमें अपने वैद्य व्यापार की निष्पक्ष जाँच करवाने की बात भी कही साथ ही राहुल नेगी का एक ऑडियो भी वायरल किया है जिसमे राहुल नेगी एक महिला के साथ बात चीत करते हुए अपने रसूखदार होने की बात कह रहे है और ट्रांसपोर्टर जोशी पर कार्रवाई के सम्बंध में दाबा करते है कि ये सब मेरे हाँथ में है अगर मुझसे मुकेश जोशी बात करे तो जिस तरह से हमने नोटिस भिजवाये है उसी तरह इसे रुकवा भी सकता हूँ।

यँहा आप को बता दें यह पूरा मामला आईएसबीटी से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर चल रही श्री राम टूर एन्ड ट्रेवल्स के नाम से एजेन्सी का है, जिसके मालिक मुकेश जोशी है ,जोशी का दावा है राहुल नेगी हमारा व्यापार हड़पने की बजह से अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डलवाकर हमें एमडीडीए, एआरटीओ व पुलिस से नोटिस दिलवाकर हमे आर्थिक मानसिक व व्यापारिक रूप से परेशान किया जा रहा है , जबकि जिन नियमो के तहत परिवहन विभाग ने हमे जिलाधिकारी द्वारा वाहन पार्किंग रजिस्ट्रेशन न होने का नोटिस दिया है वो निजी पार्किंग के लिए एक्ट में कंही लिखा ही नही है।

ये शर्त सार्वजनकि पार्किंग पर लागू होती है जबकि यँहा पर हम अपने ट्रांसपोर्ट की ही गाड़ियों को पार्क करते है। अगर लागू भी होते है तो हमारे साथ साथ प्रदेश में ऐसी लगभग 10 हजार ठेका गाड़ी रजिस्टर है तो सिर्फ कार्रवाई हमारे ऊपर क्यो सभी पर क्यो नही।