कोरोना के समय में आंगनवाड़ी व आशा फैसिलिटर ने पूरे देश में ईमानदारी से काम क्या,फिर भी सरकार मांगों को अनदेखा कर रही…

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देहरादून: शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सरकार जगाओ सप्ताह के तहत उत्तरांचल आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ व आशा फैसिलिटेटर स्वास्थ्य कार्यकर्ता संगठन ने ज्ञापन व मांग पत्र जिलाधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को प्रेरित किया।

दोनों की प्रदेश महामंत्री ने कहा कि आज कोरोना महामारी के समय में आंगनवाड़ी व आशा फैसिलिटर बहनों ने पुरे देश में पूरी ईमानदारी से काम क्या है। फिर भी सरकार हमारी मांगों को अनदेखा करती आ रही है। जिसके चलते आज भारतीय मजदूर संघ की आवान पर पूरे देश में सभी जिलों में यह ज्ञापन व मांग पत्र प्रेरित किया जा रहे हैं। ताकि सरकार हम लोगों के बारे में भी विचार करें।

ये है मुख्य मांगे…

  • सभी को राज्य सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।
  • आंगनवाड़ी का न्यूनतम वेतनमान 18000 व आशा फैसिलिटेटर न्यूनतम वेतनमान 24000 हो।
  • सरकारी कर्मचारी की तरह पीएफ, ग्रेजुएटी, पेंशन व चिकित्सा सेवा दी जाये।
  • प्रमोशन में लाभ दिया जाए जिसमें आयु की कोई सीमा समाप्त की जाए।
  • कोरोना कार्यकाल में जो हम लोगों ने ड्यूटी की है उसका अलग से उचित प्रोत्साहन राशि दी जाए।
  • जो बहने दुर्गम क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं उन्हें उचित यात्रा बता भी दिया जाए।
  • समय-समय पर आंगनवाड़ी बहनों से जो अतिरिक्त कहां ले जाते हैं उसके लिए अलग से यात्रा भत्ता एवं मानदेय दिया जाए।

ज्ञापन देने वालों में उत्तरांचल आँगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री, जिलामंत्री सुधा शर्मा, सहमंत्री राखी गुप्ता, आशा फैसिलिटेटर संगठन की प्रदेश महामंत्री रेनू नेगी, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा, आनंदी, संगीता, सुमित्रा, पूजा पुंडीर आदि सम्मिलित रही।

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