Exclusive: सुनिए मुख्यमंत्री जी श्रमदान से बनी सड़क पर फर्जी बिल दिखाकर डकार दिया 7000000…

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रिपोर्ट: कुलदीप रावत

देहरादून: सुनकर आपको थोड़ा हैरानी होगी अधिकारी कर्मचारी कितने बेखौफ हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गृह जनपद में जहां ग्रामीणों के द्वारा बनाई गई, श्रमदान से 3 किलोमीटर रोड पर अधिकारियों ने फर्जी बिल दिखाकर 7000000 डकार दिए। यह सड़क महिलाओं ने श्रमदान से बनाई लेकिन जिला पंचायत ने फर्जी बिल मस्टरोल लगाकर डकारे 70 लाख हैरान करने वाली बात यह है कि इस सड़क का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया था। पर जिला पंचायत के अफसरों ने फर्जी बिल मस्टरोल लगा कर डाले किया सत्तर लाख का गबन।



जिला पंचायत पौड़ी के संविदा कर्मचारी भ्रष्टाचार का तांडव मचाये हुए हैं,मगर जीरो टॉलरेंस की सरकार इन पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रही है। सीएम के गृह जनपद पौड़ी के कल्जीखाल ब्लाक के तहत ग्रामसभा सकनी बाड़ी में वर्ष 2016 में अचानक प्रदेश भर में सुर्खियों में आ गया था ,क्योंकि यहां की मातृशक्ति ने बिना किसी सरकारी मदद के श्रमदान से तीन किलो मीटर से ज्यादा की सड़क से बनाई बना दी। जिसका उद्घाटन बतौर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया था।

सरकारी मदद के बिना श्रमदान से बनी थी सड़क…

इसी जनशक्ति मार्ग में कई लाखों के पुश्ते दिखाए गए जो धरातल पर कभी बने ही नहीं। जिला पंचायत पौड़ी द्वारा पहले तो सड़क को छोटे छोटे 3-3 लाख‌ के मस्टरोल में दर्शाया गया एवं फिर उनका नाम बदल कर दुबारा-तिबारा भुगतान अपने पार्टनरशिप वाले ठेकेदारों को किया गया। आप समझ सकते हैं कि ये भ्रष्ट कर्मचारी कितने निडर हैं कि जो प्रदेश के मुखिया को भी नही छोड़ रहे और मुख्यमंत्री के उद्घाटन वाले कार्यों को भी स्वार्थ के लिए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाए जा रहे हैं।


अब देखना होगा मुख्यमंत्री इस बड़े भ्रष्टाचार के खेल पर क्या कार्रवाई करते हैं क्योंकि मुख्यमंत्री तो हमेशा जीरो टॉलरेंस की ही बात करते हैं। अब देखना होगा जीरो टॉलरेंस की सरकार इन अधिकारी कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई करती है।

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