उधम सिंह नगर जनपद में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कारनामा

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दवाई देने के नाम पर पीड़िता के दर्ज कर लिए बयान

नसबंदी होने के बाद भी पीड़िता ने दिया बच्चे को जन्म

मामले में शिकायत के बाद मंगलवार को जांच कमेटी तैयार कर रही थी मनमाफिक रिपोर्ट

मीडिया कर्मियों के पहुंचते ही जांच कमेटी के मंसूबों मंसूबों पर फिरा पानी

गूलरभोज: नसबंदी के बाद गर्भवती हुई महिला के आरोपों की जांच के लिए चिकित्सा विभाग की टीम ने बड़ा कारनामा करते हुए दवाई दिलाने के नाम पर प्रसूता को घर से अस्पताल बुलाकर मनमाफिक रिपोर्ट तैयार कर ली। मीडिया कर्मियों के पहुंचते ही जांच कमेटी की टीम के मंसूबों पर पानी फिर गया।पीड़िता ने सादे कागज पर जबरन अंगूठा लगाने की बात कहते हुए बताया कि उसको दवाई और टीका लगाने के बहाने अस्पताल कर्मियों ने घर से बुलाया था।

गूलरभोज गडार बस्ती निवासी सविता विश्वास पत्नी संजय विश्वास ने बताया कि उसका पति मजदूरी करता है। उसकी दो संतानें पहले से ही हैं। लिहाजा उन्होंने नसबंदी कराने का फैसला लिया। इसके तहत बीती 27 जनवरी को पीएचसी गूलरभोज में आयोजित नसबंदी शिविर में खुद का ऑपरेशन कराया। शक होने पर कुछ महीने बाद उसने जब अल्ट्रासाउंड जांच कराई तो पता चला वह गर्भ से है। यह जानकर उसके होश उड़ गए। मामले में सीएमओ उधम सिंह नगर व सचिव,चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग देहरादून को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।

मंगलवार को जिला चिकित्सालय में तैनात एसीएमओ डॉ.उदयशंकर,काशीपुर अस्पताल के प्रभारी डॉ.पीके सिन्हा,डॉ.सुरेश अरोरा व एक महिला डाक्टर पीड़िता के आरोपों की जांच के लिए गूलरभोज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। आरोप है कि उसको दवाई और टीकाकरण के नाम पर अस्पताल बुला लिया गया और एक सादे कागज में हस्ताक्षर करा कर बैठा दिया गया। इसी बीच मीडिया कर्मियों को मामले की भनक लगे तो वह भी मौके पर पहुंच गए। जांच की बाबत पूछने पर जानकारी देने से इनकार कर दिया।

इसी बीच पीड़िता के पति ने गुस्से में आकर दर्ज बयान की कॉपी को अपने कब्जे में ले लिया। फजीहत से बचने के लिए जांच कमेटी शिकायतकर्ता महिला और उसके पति के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भय दिखा रही है।

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