जीरो टॉलरेंस में छुपे रुस्तम का छुपा हुआ खेल, कोई कर पाएगा कार्यवाही!

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प्रतिकात्मक कार्टून साभार

लोकजन टुडे। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत की जीरो टॉलरेंस सरकार में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार ना होने का दावा इस खबर से पलीता जरूर लगाता है यह कोई जादूगर नहीं यह छुपा रुस्तम कोई कहता है सेटिंग बाज है जनाब कोई यह कहता है कि ऊपर से डायरेक्ट बातचीत है साहब की… इस खबर में इस सेटिंग बाज साहब की कहानी आप तक पहुंचाने की कोशिश की है आइए जानते हैं कौन हैं यह छुपा रुस्तम सेटिंग बाज.. जिला उधम सिंह नगर का पहले भी कई विवादों से नाता जोड़ चुका है चाहे वे जिले में 8 से 10 से बैठे अधिकारियों की बात हो एक कप्तान के बंगले से डाटा चोरी हो जाए जैसी अद्भुत घटनाएं सिर्फ उधम सिंह नगर में ही देखने को मिलती हैं अब देख लीजिए एक नया मामला सामने आया है जिसमें एक ऐसे छुपे रुस्तम सेटिंग बाज अधिकारी हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि आखिर किस के आशीर्वाद से जिले में तैनात एक बाबू नियमों और आदेशों को ताक पर रखकर अपने तबादले के बाद भी जिले के एक विभाग में पद पर बना बैठा है, आखिर क्यों जीरो टॉलरेंस की सरकार को पलीता लगा रहे हैं जिले का यह अधिकारी सबकी समझ से परे है लेकिन जब लोकजन टुडे को इस खबर की जानकारी हुई तो पहुंचा दिया आप तक…

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद के एक विभाग में तैनात एक अधिकारी जिसका तबादला 2018 में मुख्यालय द्वारा कर दिया गया था लेकिन उस तबादले के आदेश को दरकिनार करते हुए इस अधिकारी ने ना तो ऊधम सिंह नगर जिले से विदाई ली और ना ही अपने पद को छोड़ा, आखिर किस के आशीर्वाद से यह अधिकारी मुख्यालय के आदेश, नियम और जीरो टॉलरेंस की सरकार में अपनी मनमानी पर उतारू हो गया।आपको बता दें कि उधम सिंह नगर जनपद के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का तबादला दो हजार अट्ठारह में अल्पसंख्यक विभाग से कार्य मुक्त करते हुए समाज कल्याण विभाग में बाबू के तौर पर कर दिया गया था लेकिन तबादले के आदेश होने के बावजूद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत सिंह अपने पद पर बने रहे कई बार समाज कल्याण विभाग ने मुख्यालय को लिखा और रिमाइंडर भी कराया लेकिन ढाक के तीन पात ही रहे। आप भी देखिये आदेश की कॉपी…

सवाल यह उठता है कि आखिर किस के आशीर्वाद से अपने तबादले के आदेश होने के बावजूद यशवंत सिंह यथास्थिति में बने रहे हालांकि जब इस पूरे मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत सिंह से लोकजन टुडे संवाददाता राजीव ने बात की तो उन्होंने बताया कि उनके तबादले के आदेश के बाद एक आदेश निरस्तीकरण का भी निकला था जब हमने उस आदेश को निरस्त करने वाले आदेश की कॉपी उनसे मांगी तो उन्होंने कहा कि अभी उनके पास उपलब्ध नहीं है।

वह इस पूरे मामले को लेकर जब लोकजन टुडे सवांददाता राजीव चावला ने अल्पसंख्यक विभाग के सचिव और समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर से बात की तो उन्होंने चौंकाने वाले तथ्य बताएं और जिस की कॉपी मंगलवार को उपलब्ध कराने की बात की बात भी की जैसे ही लोकजन टुडे के पास उक्त प्रकरण के तथ्य आएंगे उन्हें प्राथमिकता पर प्रकाशित किया जाएगा इस पूरे मामले को लेकर हम अपनी अगली खबर में प्रकाशित करेंगे।