Inside Story: गरीब परिवार की बेबसी और कोरोना की मार!

गरीब परिवार की बेबसी और स्वास्थ्य विभाग की नाकामी अगर देखनी है तो दिल को दुखाने वाली इस खबर पर नजर रुक जाती है.. इसे स्वास्थ्य विभाग की नाकामी कहे या फिर एक गरीब परिवार की बेबसी जिसके पास दो वक्त की रोटी नहीं है और उसकी इकलौती संतान का शव पिछले 2 दिन से रुद्रपुर मोर्चरी सेंटर में पड़ा है स्वास्थ्य विभाग की बात करें उसे इंतजार है करोना रिपोर्ट का… और 2 दिन बाद जब रिपोर्ट निगेटिव आती है और बेबस परिवार का इंतजार ख़त्म होता है पुरे 48 घंटे बाद और और निकल पड़ते है अपनी बदनसीबी किस्मत के साथ अपनी इकलौती बेटी के शव को लेकर… अभी 24 घंटे भी नहीं बीते जब हमारे माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रुद्रपुर और हल्द्वानी का दौरा करके मीडिया के मार्फत यह संदेश दिया था कि हम हर परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम और तैयार है… लेकिन इस चौंकाने वाली खबर की बात की जाए तो स्वास्थ्य विभाग के पास मोर्चरी में पड़े शवों का ध्यान रखने के लिए पुख्ता इंतजाम भी नहीं… परिजन इतनी गरीब है कि उधार मांग कर लड़की के शव को बर्फ की सिल्लियो से सहेजा गया अगर ऐसा है तो यह स्वास्थ्य विभाग के मुंह पर कालिख पोतने जैसी खबर है… जहां पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग की वाहवाही हो रही है इस ख़बर ने ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर लापरवाही किसकी?  क्या लापरवाही मजदूर परिवार की है जो मजबूर है एक-एक पाई के लिए?   या कोरोना रिपोर्ट सेंटर की.. जिसने कोरोना रिपोर्ट भेजने में 48 घंटे से ज्यादा समय लगा दिया  निश्चित ही इंसानियत को शर्मसार करती है ये खबर…  और इस खबर के बाद मुख्यमंत्री कोई बड़ा फैसला भी लेने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता… इसे इत्तफाक ही कहेंगे कि एक तरफ जहां सीएम ये बयान जारी कर रहे थे, वहीं  दूसरी ओर सीने में उठे दर्द की वजह से दम तोड़ने वाली एक लड़की का शव दो दिनों तक मोर्चरी में इसलिए सड़ता रहा कि उसकी कोरोना जांच की रिपोर्ट नहीं आई थी.. रुद्रपुर जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा मोर्चरी में पड़े शवों की जिम्मेदारी जिला अस्पताल की नहीं होती जिसकी जिम्मेदारी पुलिस विभाग की होती है के बाद हमारे कुमाऊं प्रभारी राजीव चावला ने सम्बंधित थाने से जानकारी ली तो उन्होंने बताया..मोर्चरी में शव की जिम्मेदारी किसी और की नहीं बल्कि परिवार की ही होती है जसविंदर सिंह, एसओ गदरपुर..  इस खबर के बाद सरकार को विपक्ष ने भी कटघरे में खड़ा कर दिया है पूर्व मंत्री कांग्रेस तिलक राज़ बेहड़ ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किये ऐसी घटना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चूक बताया..

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