इजराइल को मास्क में छूट देना पड़ा महंगा, फिर टूटा कोरोना महामारी का कहर

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कोरोना ने बीते डेढ़ साल में बहुत तबाही मचाई। देश के अधिक्तम लोग इसकी चपेट में आए। इस लहर ने पूरी देश दुनिया को हिला कर रख दिया है। कई लोग इसकी जंग जीत गए और कुछ लोग अपनी ज़िंदगी गवा बैठे। वही पिछले हफ्ते ही इस्राइल ने आउटडोर और इनडोर मास्क से छूट देने वाला पहला देश होने का दावा किया था। इसके एक हफ्ते बाद कोरोना वायरस ने एक बार फिर इस्राइल पर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कोरोना का डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन ले चुके लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।

इस्राइल उन देशों में शामिल हैं, जो अपनी आधी से अधिक आबादी का वैक्सीनेशन कर चुके हैं। इसके बाद इस्राइल ने तमाम पाबंदियां हटाने के साथ ही मास्क लगाने से छूट दे दी। इसके एक हफ्ते बाद ही इस्राइल में कोरोना संक्रमण के मामलों में अचानक से वृद्धि देखने को मिल रही है। कोरोना वायरस का खतरनाक डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन ले चुके लोगों को भी तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसके बाद वहां किशोरों को जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगाने की मांग की जा रही है।

इस्राइल में सोमवार को 125 नए कोरोना मरीज मिले। आधे से आबादी का टीकाकरण होने वाले देश में अप्रैल के बाद से एक दिन में मिलने नए कोरोना मरीजों की यह संख्या सबसे अधिक है। इस्राइल में जनवरी माह में कोरोना वायरस का प्रकोप चरम पर था। उस वक्त इस्राइल में प्रतिदिन 10 हजार मामले दर्ज किए जा रहे थे। लेकिन उसके बाद उस वक्त की नेतन्याहू सरकार ने तेजी से टीकाकरण कर वायरस पर काबू पा लिया था।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लागू सभी पाबंदियों को हटाए जाने के बाद रैंडम जांच करने के दौरान कई स्कूलों में संक्रमित मामले मिले। इस्राइली समाचार पत्र हारेट्ज के मुताबिक, इस्राइल के दो स्कूलों में जांच के दौरान वैक्सीन की पूरी डोज लगवा चुके नौ शिक्षक कोरोना संक्रमित मिले।

इस्राइल के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट ने कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि को देखते हुए नए प्रकोप की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश को एक बार फिर अपनी चपेट में लेना वाला डेल्टा वैरिएंट विदेश से लौट रहे यात्रियों की वजह से आया है। इसलिए अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सख्ती से जांच की जाएगी। इसी के साथ उन्होंने अपने नागरिकों से फिलहाल विदेश की यात्राएं कम से कम करने की सलाह दी है।