कलंक कथा: आपदा में मनाया वीकेंड अधिकारियो ने खेला क्रिकेट मैच!

उधम सिंह नगर पुलिस के लिए आपदा नहीं , क्रिकेट मैच जरुरी…

यह तो हद ही हो गई साहब… उत्तराखंड में त्रासदी आई हुई है और कुछ लोग अपना वीकेंड मनाने में मशगूल है हम बात कर रहे हैं कल आई उत्तराखंड में त्रासदी की.. पूरे देश में उत्तराखंड की त्रासदी की खबर को लेकर हाहाकार मच गया लेकिन प्रदेश का एक जिला ऐसा भी था जिसमें क्रिकेट मैच खेलकर अपना वीकेंड का लुफ्त उठाया जा रहा था साथ ही मैच खत्म होने के बाद मटन बिरयानी की पार्टी भी चल रही थी जबकि विभाग के दो जांबाज  सिपाही चमोली से लापता हो गए थे हैरान करने वाली बात तो यह रही कि प्रदेश पुलिस के मुखिया से लेकर प्रदेश के मुखिया मौके की हालात जानने के लिए अपने सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर जायजा लेने पहुंच गए… क्रिकेट खेलने वाले साहब लोगों को इतनी भी शर्म नहीं आई कि कि अपना जरूरी मैच कैंसिल कर देते… देश के प्रधानमंत्री और देश के गृहमंत्री पल-पल की खबर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से ले रहे थे वहीं दूसरी ओर क्रिकेट के मैदान पर बल्ले बजाये जा रहे थे चौके और छक्कों की बरसात में कोल्ड ड्रिंक के चटकारे लगाए जा रहे थे मैच के बाद मटन बिरयानी का भी आयोजन था अरे कुछ तो शर्म करते साहब… कुछ तो सीख ले लेते अपने डीजीपी साहब से…

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के टीमें जान हथेली पर लेकर अधिकाधिक जानें बचाने की कोशिश कर रही थी। उनके साथ हर जिले से हालात पर नजर रखी जा रही थी। मगर इन सबसे बेखबर उधम सिंह नगर का पुलिस विभाग क्रिकेट मैच खेलने में मगन था। बता दें कि चमोली के रैनी गाँव के पास ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा में हिम प्रलय आई थी। रविवार को हुए इस हादसे में ऋषिगंगा नदी पर स्थापित जलविद्युत परियोजना भी पूरी तरह तबाह हो गयी। सात लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और डेढ़ सौ से अधिक लोग लापता है।

लेकिन जनाब कुछ भी कहिए मौके की नजाकत और स्थिति को संभालने में डीजीपी साहब का कोई सानी नहीं है जिस कार्य कुशलता के साथ उन्होंने मौके पर ना सिर्फ अपनी टीम का हौसला अफजाई किया बल्कि 24 घंटे अपनी ड्यूटी भी वही लगा ली किसी भी प्रदेश का डीजीपी हो तो ऐसा…. लेकिन रुद्रपुर के हालात देखकर आप ही सोचिए आखिर क्रिकेट मैच या त्रासदी.. साहब जरा सोचिए गा जिसके घर उजड़े हैं उनका क्या हाल होगा जो लापता हुए हैं उनके परिवार वालों से उनका हाल तो पूछ लेते..खैर अपनी-अपनी सोच है अपना-अपना खेल… खेलिए तभी तो…