जानिए कौन है उत्तराखंड का यह युवा जिस ने कॉमनवेल्थ गेम में बैडमिंटन में जीता है सोना

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देहरादून
बड़ी खबर
कॉमनवेल्थ गेम में उत्तराखंड से लक्ष्य सेन को मिला गोल्ड।
अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन के गोल्ड मेडल से उत्तराखंड में खुशी की लहर।
उत्तराखंड से दूसरी बार कॉमनवेल्थ में मिला गोल्ड।
1980 में जसपाल राणा को मिला था शूटिंग में गोल्ड।

लक्ष्य सेन ने फाइनल में मलेशिया के खिलाड़ी को हराया।
20 साल के लक्ष्य सेन ने जीता गोल्ड।
लक्ष्य सेन के परिवार और गृह जनपद में खुशी की लहर।

वही गोल्ड मेडल जीतने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशाल को बधाई देते हुए कहा है कि

शाबाश लक्ष्य…!

देवभूमि उत्तराखण्ड के सपूत लक्ष्य सेन जी को #CommonwealthGames2022 की #Badminton प्रतिस्पर्धा में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई।

आपने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश के साथ-साथ प्रदेश का नाम भी ऊंचा किया है।

हमें आप पर गर्व है।

आइए जानते हैं कौन है लक्ष्य सेन जिसे उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश आज बधाई दे रहा है

जन्म एवं परिवार –

 

लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 में अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हुआ। इनके पिता का नाम धीरेन्द्रे के. सेन है, जो देश के जाने-माने बैडमिंटन कोच में से एक हैं वर्तमान में यह प्रकाश पादुकोण एकेडमी से जुड़े हुए हैं। इनकी माता निर्मला सेन जो एक स्कूल में टीचर हैं, इनके एक बड़े भाई चिराग सेन है जो खुद भी एक अंतराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी है, वर्तमान में लक्ष्य सेन की आयु 20 वर्ष है। इन्होन अपने पिता के मार्गदर्शन में 4 साल की बहुत ही कम उम्र से स्टेडियम जाना शुरू कर दिया था, जहाँ से प्रशिक्षण की शुरुआत कर इन्होने अपनी प्रतिभा से सबको हैरान कर दिया।

लक्ष्य सेन का बैडमिंटन करियर

– लक्ष्य सेन ने अपना करियर अपने पिता के साथ बेडमिंटन खेलकर शुरू किया, जहाँ यह शुरूआती दौर में यूनियन बैंक ऑल इंडिया सब जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट में खलेने जाते थे। इन्होने प्रकाश पादुकोण एकडेमी बैंगलोर में प्रशिक्षण लेने के बाद कम उम्र में ही बैडमिंटन खिलाड़ी के रूप में शानदार प्रतिभा दिखाई और 2016 में जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही इन्होने सीनियर अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की और 2016 में इंडिया इंटरनेशनल सीरीज टूर्नामेंट में गोल्ड पदक जीतकर पुरुष एकल का खिताब जीता।
जिसके बाद फरवरी 2017 में इन्होने BWF वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग में नंबर एक जूनियर एकल खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही इन्होने 2017 में भारत अंतराष्ट्रीय श्रृंखला और युरोपियन बलगेरियाई ओपन जैसे कई खिताब अपने नाम किए, इसके साथ ही सेन ने टाटा ओपन इंडिया इंटरनेशनल में रजत पदक अपने नाम किया। वर्ष 2018 में इन्होने जकार्ता (इंडोनेशिया) में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में अक्ल वर्ग में गोल्ड पदक जीता। इसके साथ ही युवा ओलिंपिक खेल ब्यूनस (आयर्स) में एकल वर्ग में उपविजेता के तौर पर रजत पदक हांसिल किया और युवा ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय शटलर बन गए। लक्ष्ये सेन ने जापान के युसुके ओनोडेरा को हरकार डच ओपन एकल खिताब जीतकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब जीता।

आज लक्ष्य सेन उत्तराखंड ही नहीं देश दुनिया में अपने खेल के जादू से देश का परचम लहरा रहा है

लोकजन टुडे की तरफ से लक्ष्य सेन को गोल्ड मेडल जीतने पर बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं आप यूं ही देश और उत्तराखंड का नाम रोशन करते रहे