पीएम मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, किया 100 लाख करोड़ की योजना का ऐलान

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नई दिल्ली: देश आज आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर तिरंगा फहराया और लाल किले के प्राचीर से आज 8 वीं बार देश को संबोधित किया। भारत आज अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने 100 लाख करोड़ रुपये की योजनाओं का ऐलान किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में, 75 वंदे भारत ट्रेनें देश के हर कोने को जोड़ेंगी। देश में नई गति से एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना ने लोगों के सपनों को उड़ान दी है। पीएम मोदी ने कहा कि जल्द ही देश में ‘प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना’ की शुरुआत की जाएगी, ये 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजना होगा जो लाखों युवाओं के लिए योजगार के अवसर लाएगी।

उन्होंने कहा, ‘जिस गति से नए एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। वह अभूतपूर्व है। बेहतर कनेक्ट‍िविटी लोगों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। आने वाले कुछ दिनों में इसलिए प्रधानमंत्री गति शक्ति का मास्टर प्लान पेश किया जाएगा। यह 100 लाख लाख करोड़ रुपये की योजना होगी जो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार का अवसर लाएगी। यह समग्र बुनियादी ढांचा विकास की नींव रखेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि इससे आम जनता के लिए यात्रा समय में कमी आएगी और उद्योगों की गति भी बढ़ेगी। हमारे लोकल मैन्युफैक्चरर को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी और इससे भविष्य में नए इकोनॉमिक जोन भी बनाए जा सकेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार उद्योग जगत के लिए नियमों को आसान करने में जुटी है, स्टार्टअप के लिए भी यही कोशिश की जा रही है। आज देश में स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन रहे हैं, जो देश के नए वेल्थ क्रिएटर्स हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं है।

स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर कहा कि ऐसे भारत का निर्माण हो जहां सुविधाओं का स्तर गांव और शहर को बांटने वाला न हो। एक ऐसे भारत का निर्माण जहां नागरिकों के जीवन में सरकार बेवजह दखल न दे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और अब सबका प्रयास हमारे हर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

लाल किले से संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर कहा कि ताली बजाकर पदकवीरों का सम्मान हो। इन खिलाड़ियों ने विशेष तौर पर दिल ही नहीं उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का बहुत बड़ा काम किया। जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं उसमें एक खेल भी है। जीवन में संपूर्णता के लिए खेलकूद होना बहुत आवश्यक है। अब देश में फिटनेस और खेल को लेकर एक जागरुकता आई है। इस बार ओलिंपिक में भी हमने देखा है। ये बदलाव हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट हैं।

प्रगति पथ पर बढ़ रहे हमारे देश के सामने, पूरी मानवजाति के सामने कोरोना का यह कालखंड बड़ी चुनौती के रूप में आया है। भारतवासियों ने संयम और धैर्य के साथ इस लड़ाई को लड़ा है। आज हम गौरव से कह सकते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम भारत में चल रहा है। हम 54 करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन लगा चुके हैं। हमारे वैज्ञानिकों और उद्यमियों की ताकत का ही नतीजा है कि आ भारत को किसी और देश पर निर्भर नहीं होना पड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अभी से जुट जाना है। हमारे पास गंवाने के लिए एक पल भी नहीं है। यही समय है, सही समय है। बदलते हुए युग के अनुकूल हमें भी अपनेआप को ढालना होगा। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसी भाव के साथ हम सब जुट चुके हैं।

आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके भारत ने देश के दुश्मनों को नए भारत के सामर्थ्य का संदेश भी दे दिया है। ये बताता है कि भारत बदल रहा है। भारत कठिन से कठिन फैसले भी ले सकता है और कड़े से कड़े फैसले लेने में भी भारत झिझकता नहीं है, रुकता नहीं है।

देश के सभी सैनिक स्कूलों में अब बेटियां भी पढ़ेंगी। आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं। सड़क से लेकर वर्कप्लेस तक, हर जगह पर महिलाओं में सुरक्षा और सम्मान का अहसास हो, इसके लिए हम सबको जिम्मेदारी निभानी होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि धारा 370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है।

किसानों की जमीन छोटी होती जा रही है। 80 प्रतिशत किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। 100 में से 80 किसान यानी देश का किसान एक तरीके से छोटा किसान है। देश में पहले जो नीतियां बनीं, उसमें छोटे किसानों पर जो नीतियां बननी चाहिए थी, उन पर जो ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए था, वह नहीं हुआ। छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा। उन्हें नई सुविधाएं देनी होंगी।

गांव में जो हमारी सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी 8 करोड़ से अधिक बहनें हैं, वो एक से बढ़कर एक प्रॉडक्ट्स बनाती हैं। इनके प्रॉडक्ट्स को देश में और विदेश में बड़ा बाजार मिले, इसके लिए अब सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब जमीन पर दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है।