उत्तराखंड टीम के क्रिकेटर से मारपीट और दस लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस ने पीड़ित खिलाड़ी और उसके पिता के बयान किये दर्ज

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उत्तराखंड टीम के क्रिकेटर से मारपीट और दस लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस ने पीड़ित खिलाड़ी और उसके पिता के बयान दर्ज कर लिए है।  ओर जहां पर मारपीट हुई वहां जांच लिए भी पुलिस टीम  जाएगी।

क्या है मामला

बीते साल दिसंबर महीने में विजय हजारे टूर्नामेंट के दौरान राजकोट में उत्तराखंड टीम के खिलाड़ी आर्य सेठी के साथ मारपीट हुई। आरोप है कि कोच मनीष झा ने बदतमीजी भी करने की कोशिश की। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव महिम वर्मा के सामने मामला उठाया गया।  तो आरोप है कि उनसे दस लाख रुपये मांगे गए। आरोप टीम में शामिल सत्यम शर्मा, पीयूष कुमार रघुवंशी, नवनीत मिश्रा, संजय गुसाईं, मनीष झा, पारूल पर भी हैं। इन सभी के खिलाफ मारपीट और दस लाख रुपये मांगने को लेकर वसंत विहार थाना पुलिस ने केस दर्ज  भी किया है। वसंत विहार थानाध्यक्ष  ने बताया कि मामले में आर्य सेठी और उसके पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

एसएसपी /डीआईजी देहरादून जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वह जल्द गिरफ्तार भी हो सकते हैं।

CAU  के तकरीबन फरार सचिव माहिम वर्मा और 5 अन्य आरोपियों को पुलिस अभी तक खोज-गिरफ्तार नहीं कर पाई है। CAU प्रवक्ता-तनुष स्टेडियम के स्वामी और IPC की गंभीर धाराओं में समान रूप से घिरे संजय गुसाईं आज वकील के साथ थाने भी पहुंचे थे और बयान दे के लौट गए। उसको  आरोपियों के बारे में पूछताछ करने के बजाए पुलिस ने  जाने दिया।

पुलिस ने सफाई दी कि फिलहाल उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
माहिम-उसकी टीम और CAU के साथ ही जिलों में इकाइयों को संभाल रहे ओहदेदारों पर भी जल्द ही गाज गिर सकती है। खिलाड़ियों और टीमों से हर साल करोड़ों रूपये रजिस्ट्रेशन में वसूलने और फिर उसी काम के लिए BCCI से भी करोड़ों लेने के आरोप सामने आ रहे हैं। पूरे मामले में बोर्ड के साथ ही रजिस्ट्रार (सोसाइटी) ऑफिस भी शक के घेरे में है। उस पर माहिम और क्रिकेट एसोसिएशन उत्तराखंड अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला के ईशारे पर नाजायज काम करने के आरोप हैं।