राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त पाबौ के शौचालय में उठने लगे सवाल…

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रिपोर्ट: मुकेश बछेती


पौड़ी: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त पाबौ के शौचालय पर ताला लटका हुआ है। जिसके बाद कांग्रेस ने पुरस्कार पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। शौचालय को 2 अक्टूबर गांधी जंयती पर राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय पुरस्कार दिया गया था कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव ने शौचालय पर ताला लटके रहने का आरोप लगाते हुए पुरस्कार पर सवाल खड़े किए हैं।

विकास खंड पाबौ के मुख्यालय की ग्राम पंचायत पाबौ में फरवरी 2020 एक सार्वजनिक शौचालय बनकर तैयार हुआ। शौचालय के निर्माण में 10 लाख विधायक निधि और 1 लाख 80 हजार की लागत स्वजल विभाग की ओर से खर्च की गई। विगत 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार की घोषणा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की थी। जिला मुख्यालय पौड़ी में वेबीनार से जुड़े पाबौ के ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह को सीडीओ पौड़ी आशीष भट्टगाई ने पुस्कार प्रदान किया था। लेकिन अब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव मनोज रावत ने शौचालय को पुरस्कार दिए जाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रावत ने कहा कि शौचालय पर लंबे समय से ताला लटका हुआ है। ऐसे में किस रुप में राष्ट्रीय स्तर पर शौचालय को पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने कहा कि शौचालय में विद्युत कनेक्शन भी नहीं लगा हैं। जिससे यहां लगी सेनेट्री नेपकिन वेडिंग और इंसुलेटर मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। पूर्व प्रदेश सचिव ने सरकार की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि गांव में आम आदमी को शौचालय के निर्माण को 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। लेकिन यह सार्वजनिक शौचालय 11 लाख से भी अधिक धनराशि खर्च कर तैयार किया गया है।

वहीं ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह ने कहा कि शौचालय के नाम पर राजनीति की जा रही है। विरोधियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पुस्कार मिलने की शुभकामनाएं देने के बजाय स्वयं का ताला लगाकर तस्वीरें खीचीं गई हैं। पूरे मामले में स्थानीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि जिन्होंने 70 साल में कुछ नही किया उन्हें कुछ पूछने का भी अधिकार नही है।

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