रूद्रपुर – ना रजिस्ट्री, ना बैंक लोन ज़मीन सरकारी ओर अफसरो की नाक के नीचे धड़ले से बिक्री!

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रूद्रपुर – ना रजिस्ट्री , ना बेंक लोन ज़मीन सरकारी ओर अफसरो की नाक के नीचे धड़ले से बिक्री , सरकार आँखें बंद करे बैठी ओर अफ़सर जेब भरने मे मशगूल… क्या यही सच्चाई हैं आइये जानते हैं क्या हैं पूरा मामला…
जी हाँ मामला हैं रुद्र्पुर के सिड़्कुल से जुडा , यहाँ दस बारह साल पूर्व ओधोगीक छेत्र सिड़्कुल ने आवासीय कालोनी डवपल करने के लिये नोऐडा की सुपर टेक कम्पनी को ज़मीन ऐलोट की जिस पर रिवरक्रेस्ट के नाम से कालोनी काटी गई जिसका भुगतान कम्पनी ने सिडकुल के साथ निर्धारित समय में करना था लेकिन सुपरटेक निर्धारित समय पर भुगतान नही कर पाया जिसके चलते सिड़्कुल ओर सुपरटेक में हुवा अनुबंध समाप्त हो गया , कम्पनी ने सरकारी अफसरो से साँठगाँठ कर अनुबंध का नवीनीकरण करा लिया लेकिन फिर भी सिड़्कुल को भुगतान नही दिया जिसके चलते सिड़्कुल ने सुपरटेक की आर सी काट दी , तब से अब तक ज़मीन की बिक्री पर रोक लगी हे सिड़्कुल ने क़रीब सत्तर करोड़ रुपया सुपरटेक से लेना हे ज़मीन की रजिस्ट्री पर रोक हे कोई भी बेंक लोन नही दे रहा ओर कम्पनी रुद्र्पुर में धड़ल्ले से प्लोट बेच कर पेसा अपने खाते में डाल भागने की फ़िराक़ में है
मज़ेदार बात ये हे की सब कुछ अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है ईमानदार सरकार चुप बेठी हे ओर अफ़सर जेबें भर रहे हैं

बड़ा सवाल ये हैं कि जिस ज़मीन की रजिस्ट्री पर रोक हैं जिस पर बेंक़ लोन नही कर रहा , जिस ज़मीन का भुगतान अभी सिड़्कुल को नही हुवा हैं उसकी बिक्री केसे होने दी जा रही हैं गोलमाल हैं भई गोलमाल हैं । वह इस पूरे मामले में सिडकुल के आरएम परितोष वर्मा ने बताया कि फिलहाल किसी भी तरह की सुपरटेक के रिवरक्रेस्ट प्रोजेक्ट में खरीद पर रोक लगा रखी है।

जबकि प्रॉपर्टी डीलरों के द्वारा सुपरटेक ग्रुप से मोटा कमीशन पाने के चक्कर में जमकर इन वस्तुओं को फ्लैट और विला के नाम बेचने वालों दलालो के द्वारा धोखाधड़ी की जा रही है।