कृषक प्रमाण पत्रों की पूर्ण जांच को लेकर वरिष्ठ आंदोलनकारी अवतार सिंह ने न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने का लिया निर्णय

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रुद्रपुर: रुद्रपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए तहसील किच्छा से जारी किए गए कृषक प्रमाण पत्रों की पूर्ण जांच को लेकर वरिष्ठ आंदोलनकारी अवतार सिंह बिष्ट ने जांच और कार्यवाही ना होने पर माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने का निर्णय लिया है।

सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत तहसील किच्छा के लगभग 2000 लोगों को कृषक प्रमाण पत्र जारी करने की बात स्वीकारते हुए उनकी सूची सूचना कर्ता को जारी की है। उस सूची में रुद्रपुर व आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो 2003 से पूर्व उत्तर प्रदेश में निवास करते थे और आज भी उत्तर प्रदेश में ही उनके समस्त कागजात उपलब्ध है। जबकि उत्तराखंड के भूमि धरी अधिनियम के तहत वर्ष 2003 से पूर्व उत्तराखंड में जिस व्यक्ति या उसके परिवार की कृषि भूमि होगी उसी को कृषक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

तहसील किच्छा के राजस्व कर्मचारियों द्वारा खेल खेलते हुए सैकड़ों ऐसे लोगों को कृषक प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जिनका वर्ष 2003 से पूर्व उत्तराखंड में कुछ भी नहीं था। आंदोलनकारी अवतार सिंह बिष्ट ने सभी कृषक प्रमाण पत्रों की जांच व कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल सहित तमाम अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौपे हैं उन्होंने कहा है कि सभी फर्जी कृषक प्रमाण पत्र बनवाने वाले बनाने वाले लोगों पर कार्रवाई ना होने की दिशा में वह माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।