सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बगैर ही होगा टिहरी झील महोत्सव

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रिपोर्ट: सुभाष राणा

नई टिहरी: टिहरी बसंत पंचमी को होने वाले टिहरी महोत्सव पर संशय के बादल हट गए हैं। जोशीमठ क्षेत्र में आई आपदा को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई थी उत्तराखंड के इस मेगा इवेंट को लेकर सीएम आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ टिहरी के प्रभारी मंत्री डॉ धन सिंह रावत टिहरी के विधायक डॉ धन सिंह नेगी की मौजूदगी में हाई लेवल मंथन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बग़ैर टिहरी महोत्सव के आयोजन को हरी झंडी दी गई ।

टिहरी विधायक डॉ धन सिंह नेगी विधायक बताया कि चमोली आपदा को देखते हुए टिहरी महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। चमोली में आपदा के मृतकों की आत्मा शांति को भजन संध्या आयोजन किया जाएगा। विधायक ने बताया कि 16 17 फरवरी को टिहरी झील महोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के कर कमलों से होगा तथा मुख्यमंत्री स्वयं देव डोलियों के दर्शन के लिए मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि महोत्सव में सेना अर्धसैनिक आइटीबीपी की साहसिक जल क्रिडा का आयोजन होगा ।

विधायक ने बताया कि उक्त मेल को राजकीय मेले का दर्जा मिल गया है। इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया है। हर साल बसंत पंचमी के अवसर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चमोली आपदा से पूरा राज्य दुखी है। ग्लेशियर फटने की सूचना मिलते ही टिहरी बांध की जल निकासी रोक दी गई थी ताकि श्रीनगर बांधों को खाली कर सकें हरिद्वार ऋषिकेश में एलर्ट जारी होने के बावजूद टिहरी बांध के कारण चमोली गलेशियर फटने से उपजे खतरे को नियंत्रित किया गया।

उन्होंने कहा कि एक बार फिर उत्तराखंड आने वाले पर्यटक और साहसिक खेल क्रिड़ा प्रतिभागी व दर्शकों के लिए टिहरी झील महोत्सव आदर्श डेस्टिनेशन साबित होगा। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में प्रभारी मंत्री डॉ धन सिंह रावत, टिहरी विधायक डॉ धन सिंह नेगी, ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष संजय नेगी कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।