उत्तराखंड आपदा: सातवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन, ड्रिल का मैकेनिकल पाइप फटा

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चमोली: तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सातवें दिन भी जारी है। मुख्य टनल के नीचे 12 मीटर गहराई पर स्थित सिल्ट फ्लशिंग टनल एसएफटी तक ड्रिलिंग कर दी गई है। हालांकि, इस मशक्कत के दौरान ड्रिलिंग मशीन की बिट टूटने से रेस्क्यू में बाधा आई।

तपोवन सुरंग में आज को सुबह 5.00 बजे से ड्रिल का कार्य शुरू हो गया था, लेकिन सुबह 9.00 बजे ड्रिल का मैकेनिकल पाइप फट गया, जिससे एक घंटे तक कार्य बाधित रहा। मशीन में दूसरा मैकेनिकल पाइप जोडऩे के बाद फिर टनल में ड्रिल कार्य शुरू हो गया है। रेस्क्यू इंजीनियरिंग की टीम की ओर से 13 मीटर तक भूमि के अंदर ड्रिल कर दिया गया है। जिस मुख्य टनल से ड्रिल किया जा रहा है, उसके नीचे 13 मीटर की दूरी पर एक दूसरी टनल है। उस टनल में मलवा और पानी की मौजूदगी पता की जा रही है।

रैणी और तपोवन क्षेत्र में आई आपदा में सभी तक कुल 38 शव और 18 मानव अंग अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए हैं, जिसमें जिले चमोली में 30 शव और 18 मानव अंग, जिले रुद्रप्रयाग में छह शव, पौड़ी में एक शव और जनपद टिहरी गढ़वाल में एक शव बरामद किए गए हैं। बरामद 12 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है उन सभी का डीएनए संरक्षित किए गए हैं। कोतवाली जोशीमठ पर अभी तक 14 व्यक्तियों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है और 41 परिजनों के डीएनए संरक्षित किए जा चुके हैं।