देखिए video: सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने दून घाटी के आसमान में दिखाई ताक़त!

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लोकजन टुडे

आज मौक़ा था वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना की विजय के 50 साल पूरे होने का जिसमें वायुसेना की सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम स्कोट ने शाम को हॉक युद्धक विमानों के साथ राजधानी देहरादून के आसमान में फ्लाईपास्ट किया। युद्धक विमानों की गड़गड़ाहट से दून घाटी गूंज उठी। हड़बड़ाहट में लोग घरों से बाहर निकल गए लेकिन आसमान में नजारा देखकर देश की वायुसेना पर गर्व की अनुभूति हुई… दुनिया भर के तमाम देशो की बात करे तो अधिकांश पेशेवर वायुसेनाओं की अपनी एक एरोबैटिक टीम होती है। इसी तर्ज पर भारतीय वायुसेना की ओर से वर्ष 1996 में सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम का गठन किया गया था। इसी सूर्यकिरण टीम को भारतीय वायुसेना के राजदूत के रूप में जाना जाता है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से उड़ान भरने के बाद राजधानी दून पहुंची सूर्य किरण टीम के जांबाज पायलटोंकी टीम ने दो बार आसमान के चक्कर लगाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। शायद ही यह पहला मौका था जब वायुसेना के इतने युद्धक विमानों ने एक साथ राज्य के आसमान में उड़ान भरी लेकिन जब पांच मिनट बाद सूर्यकिरण टीम जिगजैग फार्मेशन में दोबारा लौटी तो शहरियों ने फ्लाईपास्ट को देखा और अपने मोबाइल फोन के कैमरों में भी कैद किया। आसमान में दो चक्कर लगाने के बाद सूर्यकिरण टीम विमानों के साथ हिंडन एयरबेस लौट गई। नारंगी और सफेद रंग के हॉक युद्धक विमानों को देखकर लोग गदगद नजर आए।