क्या भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में आयेगी और भी ज्यादा कड़वाहट ?

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देहरादून : भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में हमेशा से ही खटास देखने को मिली है। कभी बॉर्डर को लेकर तो कभी कश्मीर के मुद्दे को लेकर, और यह खटास पुलवामा हमले के बाद से और भी ज्यादा बाद गई है। पुलवामा अटैक के बाद से ही भारतीय जनता और भारतीय सेना में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है।

लेकिन अब ऐसा लगता हैंकि यह आक्रोश अब और बढ़ने वाला है और भारत – पाकिस्तान के रिश्तों में और भी ज्यादा खटास आने के कयास भी लगाए जाने लगे है। इसकी वजह है पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख। जी हां हमारे पड़ोसी देश को नया सेना प्रमुख मिल गया है जिसका नाम  लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर है।

लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर 29 नवंबर को मौजूदा सेना प्रमुख जनरल कमर बावजा के रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तान की सेना के प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे। ऐसा कहा जा रहा है कि उनकी नियुक्ति मौजूदा सेना प्रमुख जनरल बाजवा की सिफारिश पर की गई है। जैसा कि हम सभी जानते और देखते है की पाकिस्तान में सेना प्रमुख और सेना ही सर्वेसर्वा है। अब ऐसे में भारत को लेकर नए सेना प्रमुख का क्या रुख रहेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर

आज इस कॉलम में लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर का जिक्र इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भारत में पुलवामा हमले का मास्टर माइंड इसे ही माना जाता है। पुलवामा हमले के समय मुनीर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ हुआ करते थे। कयास लगाया जा रहा है कि इस नियुक्ति के बाद आने वाले वक्त में भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में और खटास देखने को मिल सकती है।

आपको बता दें की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने पास मौजूद शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ले. जनरल असीम मुनीर को देश का अगला सेना प्रमुख नियुक्त करने का फैसला लिया है। भारत के लिए चिंता की बात यह है की ले. जनरल मुनीर वही शख्‍स हैं जिनके आईएसआई चीफ रहते भारत ने फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमला झेला था। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि मुनीर के आर्मी चीफ बनने के बाद भारत और पाकिस्‍तान के रिश्‍तों में खटास बढ़ सकती है और ऐसे भी कयास लगाए जा रहे है की पुलवामा जैसे हमले भारत को फिर से झेलने पड सकते है।

भारत सरकार ऐसा मानती है कि फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद जब भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव चरम पर था तो सारे फैसले पर्दे के पीछे से ले.जनरल मुनीर ही ले रहे थे। ले. जनरल मुनीर उस समय आईएसआई के मुखिया थे। इसके अलावा मुनीर हमले के दौरान मिलिट्री के उस पैनल में सबसे अहम शख्‍स थे जो सुरक्षा नीतियों और पाकिस्‍तान की प्रतिक्रिया पर बड़े फैसले ले रहा था। कहा तो यहां तक गया था कि पुलवामा आतंकी हमला नए आईएसआई चीफ ले. जनरल मुनीर के उकसावे पर ही अंजाम दिया गया था। हमला आईएसआई की उसी मॉडेस ऑपरेंडी के तहत हुआ था जो हमेशा से भारत के खिलाफ आतंकियों को तैयार करने में प्रयोग होती आई है।

पुलवामा हमले के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिंनदन ने पाकिस्‍तान के फाइटर जेट को ढेर कर दिया था लेकिन इसके बाद वे खुद भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा गिरे थे।। पाकिस्‍तान की सेना ने उन्‍हें बंदी बना लिया था। उस समय भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने ले. जनरल मुनीर से ही बात की थी। मुनीर को ये बता दिया गया था कि भारत अपने काउंटर-टेररिज्‍म अभियान से पीछे नहीं हटेगा। मुनीर ने उस समय धमकी दी थी कि अगर भारत ने एक मिसाइल दागी तो फिर पाकिस्‍तान तीन मिसाइलों से इसका जवाब देगा। बाद में राजनीतिक स्तर पर पहल के बाद अभिनंदन को पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया था।

बताया जाता है कि लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर आईएसआई चीफ बनने से पहले नॉर्दन एरिया के कमांडर और मिलिट्री इंटेलीजेंस के डायरेक्‍टर जनरल भी रहे हैं। वे जम्‍मू कश्‍मीर के चप्‍पे-चप्‍पे से वाकिफ हैं। मुनीर को कश्‍मीर का एक्‍सपर्ट तक कहा जाता है।

भारत सरकार और सैन्य विशेषज्ञ पाकिस्तान के इस नए सेना प्रमुख की नियुक्ति को बहुत संजीदगी से देख रहे हैं। सैन्य विशेषज्ञ मानते हैं कि, इस नई नियुक्ति से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में और तल्खी आनी तय है।