विधानसभा नहीं डरती कोरोना वायरस से! सभा सत्र की अधिसूचना जारी!

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पूरी दुनिया में कोरोना की दहशत से कोई अछूता नहीं है जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनता को चेताया कि कोरोना वायरस से कैसे निपटना है वहीं दूसरी तरफ देखने से तो यही लगता है कि देश में भाजपा के नेता मोदी जी की ऐसी तैसी कराने में जुटे हुए हैं… बात मध्य प्रदेश में सरकार का गठन की हो जंहा चौहान साहब के बंगले पर हजारों की भीड़ और दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में योगीराज के मंत्रियों ने भी कोई भी कमी नहीं छोड़ी मोदी जी की छीछालेदर करने में.. यह भी किसी से छिपा नहीं है.. लेकिन ऐसा लगता है कि इस बार उत्तराखंड की है…. जहां कोरोना वायरस के संक्रमण में कई लोग आइसोलेशन वार्ड में रहकर ठीक होने की कोशिशों में लगे हैं और कुछ लोग कोरोनावायरस के डर से अपने घर में कैद हो गए… पूरा देश इस वायरस से इस कदर दहशत में है कि जहां देखो वहां स्कूल हो या कॉलेज जिम हो या मॉल सभी ऐसी जगह जो भीड़भाड़ वाली है कोरोना वायरस की दहशत से सभी बंद हो चुकी हैं लेकिन दूसरी तरफ मोदी जी  जनता से अपने दिल की बात रखते हैं आपातकाल जैसी स्थिति से निपटने के लिए जनता से गुहार लगाते हैं कि 22 मार्च 2020 दिन रविवार को जनता अपने लिए जनता का कर्फ्यू  लगाए जनता द्वारा जनता के लिए लगाया गया कर्फ्यू महेश एक ट्रायल है लेकिन अगर यह कारगर सिद्ध हो जाता है तो निश्चित ही मोदी जी की कही बातें एकदम सटीक साबित हो जाएंगी

ऐसा भी नहीं है कि मोदी जी की इस बात को राज्य सरकार नकार रही है बल्कि राज्य सरकार मोदी जी की दावों को सच करने के लिए नई-नई तरकीब भी सोच रही है… लेकिन आज शाम जब विधानसभा सत्र के लिए अधिसूचना जारी हुई तो उसे देखकर तो निश्चित ही हैरानी भी हुई  कि आखिर कोरोना वायरस से भी नहीं डरते हमारे उत्तराखंड के नेता… या फिर यह भी कहा जा सकता है कि मोदी जी की बात 22 मार्च को मानेंगे और अधिसूचना 25 मार्च के लिए निकालेंगे आखिर ऐसा कौन सा जरूरी काम आ गया जो विधानसभा सत्र निपटाने के लिए चौथे चरण की विधानसभा की तारीख 25 तारीख निहित की गई… वैसे तो आम जनता के लिए बहुत सारे नियम कायदे लागू किए गए हैं जैसे शादी के समारोह,  होटल,  जिम माल इत्यादि जहां भी लोगों का ज्यादा से ज्यादा आवागमन है या भीड़ हो,  ऐसे सभी कार्यक्रम तुरंत तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए जाएं और दूसरी तरफ प्रदेश के 70 विधायक एक जगह पर इकट्ठा होंगे वह भी ऐसे समय जब कोरोना वायरस का संक्रमण चरम पर हो एक तरफ तो राज्य सरकार तमाम दावे करती है सूचनाएं उपलब्ध कराती है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से कैसे बचना है और वहीं दूसरी तरफ 70 विधायकों की निगरानी और उनकी देखरेख के लिए पुलिस प्रशासन की पूरी चौकसी भी होगी… अरे साहब कोरोना वायरस से डर नहीं लगता क्या? बड़ा सवाल…उत्तराखंड के नेताओं को हो क्या गया है जो अपने आलाकमान की भी सुनने कि जहमत नहीं उठा रहे या उत्तराखंड की सरकार यह मान चुकी है कि कोरोना वायरस का सूपड़ा 24 तारीख तक साफ कर देंगे मामला चाहे कुछ भी हो अज्ञानता का हो या फिर होशियारी का दोनों ही मामले हमारी समझ से परे है हो सकता है किसी ने यह कह दिया हो पूरी विधानसभा में कोई 65 साल से ऊपर का नेता ही नहीं है शायद इसीलिए कोरोना वायरस से हमारे नेताओं को डर नहीं लग रहा है बहरहाल यह तो थी मजाक की बात… लेकिन देखने वाली बात तो यह है कि आखिर इतना समझदार है कौन… क्या विधानसभा सत्र में सभी विधायक पहुंचेंगे?  क्या हमारे विधायकों को कोरोना वायरस से डर नहीं लगता? अरे नेताओं सुन लो मोदी जी की तो सुन लो.. यह तो वही बात हुई हम तो मरेंगे ही और साथ में तुम्हें भी ले कर डूबेंगे सनम?

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