रुड़की : प्यार की खातिर हुआ बहिष्कार

Report By: सलमान मलिक

LokJan Today(रुड़की):हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाप पंचायतों के उटपटांग फरमान पर देश की सर्वोच्च अदालत रोक लगा चुकी है। उत्तराखंड में खाप पंचायतें वजूद में भी नहीं हैं। लेकिन प्रेमिका से पत्नी और फिर एक बच्चे की मां बनी एक लाचार व मजबूर लड़की के लिए उसका खुद का परिवार और ससुराल खाप पंचायत बन चुका है। बेटे के प्रेम विवाह से नाराज़ परिवार ने बहु को यह फरमान सुनाया है कि वह अपने मासूम बच्चे को बेचकर उनके बेटे को जेल से छुड़ाकर लाए। यह कहानी है पढ़े लिखे लोगों का शहर कहे जाने वाले रुड़की से सटे एक गांव की लड़की की। प्यार
की खातिर पहले तो प्रेमी जोड़े को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। बाद में रही कसर पुलिस ने प्रेमी को किसी मामले में जेल भेजकर पूरी कर दी। अब हालात यह है कि प्रेमिका अपने पति को जेल से छुड़ाने के लिए और अपने हक़ के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

दरअसल मामला रुड़की से सटे गाँव पनियाला चंदापुर का है जहां लगभग सालभर पूर्व एक प्रेमी और प्रेमिका ने घर से भागकर कोर्टमैरिज कर शादी कर ली थी, जिसके बाद दोनों के परिवारों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था, उसके बाद दोनों पति पत्नी रुड़की में ही किराये के मकान में रहने लगे। शादी के लगभग तीन माह बाद पति को रुड़की पुलिस ने किसी मामले में जेल भेज दिया, और यहां से शुरू हुई लड़की के इम्तेहान की घड़ी, पीड़ित युवती ने बताया कि जिस समय पुलिस ने उसके पति को जेल भेजा उस समय वह प्रेग्नेंट थी, पति के जेल जाने के बाद कोई सहारा ना होने के कारण उसने एक प्राइवेट कम्पनी में काम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब डिलीवरी की समय आया तो युवती के पास कोई अपना नही था, युवती रुड़की के सरकारी अस्पताल पहुँची जहां ऑपरेशन के बाद युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद जब युवती को अस्पताल से छुट्टी मिली तो युवती अपने बच्चे को लेकर ससुराल पहुँची और पूरा माज़रा बताया, लेकिन ससुरियालो का दिल नही पसीजा, युवती के अनुसार उसे कहा गया कि बच्चे को बेचकर अपने पति को जेल से छुड़ाए तब उसकी बात सुनी जाएगी, साथ ही उसके साथ गाली गलौच और मारपीट भी की गयी। पीड़ित युवती ने अपनी दर्दभरी दास्तां स्थानीय पुलिस और महिला हेल्पलाइन जाकर भी सुनाई लेकिन यहां से भी युवती को खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा। किस्मत और हालात की मारी युवती को एक महिलाओं के सामाजिक संगठन की जानकारी लगी तो युवती मदद की गुहार लेकर संगठन में जा पहुँची, जहां संगठन की पदाधिकारी ने उक्त युवती को भरपूर सहयोग का आश्वासन देते हुए फिलहाल अपने पास रख लिया।


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