SOG के हत्थे चढ़ा वन्य जीव तस्कर, लाखों में बेचता था गुलदार की खाल

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टिहरी: टिहरी जिले के थाना मुनिकीरेती क्षेत्र अंतर्गत गरुड़ चट्टी पुल के पास अभियुक्त प्रकाश पुत्र घनश्याम निवासी ग्राम भूखंडी, पट्टी तल्ला उदयपुर, थाना लक्ष्मण झूला, जनपद पौड़ी गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष को गुलदार की खाल ( पूंछ सहित लम्बाई 2.40 मी, बीना पूंछ के लम्बाई 1.40 मी., अगले दाये बाये पंजों के बीच की चौडाई 1.15 मी, पीछले दाये बाये पजों के बीच की चौडाई .90) खाल लगभग एक सप्ताह पुरानी है। गुलदार की उम्र लगभग 5 से 6 वर्ष खाल चितकबरा रंग के साथ गिरफ्तार किया गया।

एस.ओ.जी. प्रभारी द्वारा खाल की पहचान करने हेतु तत्काल मौके पर वन विभाग की टीम को बुलाया गया। जिस पर डिप्टी रेंजर बलबीर सिंह पवार व वन दरोगा अनुज उपाध्याय मौके पर आए, जिन्होंने जंगली जानवर की खाल का जांच कर गुलदार की खाल होना बताया। अभियुक्त प्रकाश पुत्र घनश्याम उपरोक्त के संबंध में थाना मुनिकीरेती पर भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 संशोधन 2006 में अभियोग पंजीकृत कराया गया है।

अभियुक्त से पूछताछ करने पर बताया कि जहा मै रहता हूँ वहा घना जंगल है। जहां गुलदार आदि जंगली जानवर अधिक तादात में है। अकसर वहा बाहरी बाबाओं का आना जाना लगा रहता है, जिन्हे पूजा तन्त्र विद्या के लिए गुलदार की खाल की आवश्यकता पडती है जिसके लिए वह मुझे अच्छी खासी रकम देते है इसी लालच में मैने ये काम किया है।

उत्तराखंड बाघ प्रजाति के संरक्षण में ऊंचे पायदान पर खड़ा है। लेकिन कुछ बेरहम लोगों को ये बात रास नहीं आ रही है। ऐसे अपराधिक मानसिकता के लोग लगातार वन्य जीव और जंगलों पर अपना कहर बरपा रहे हैं।

टिहरी जिले की उ नि आशीष कुमार प्रभारी एसओजी, हेड कां0 34 योगेंद्र सिंह एसओजी, .कानि0 254 उबैदुल्ला एसओजी ने गिरप्तार किया है।